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मनमोहन सिंह नहीं बल्कि मुकेश अम्बानी चला रहे हैं केंद्र सरकार…

By   /  October 31, 2012  /  No Comments

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अरविन्द केजरीवाल ने मुकेश अम्बानी पर केंद्र सरकार के साथ मिल कर देश को लूटने के संगीन आरोप लगाये हैं. केजरीवाल का आरोप है कि लगता है कि लम्बे समय से भारत सरकार मुकेश अम्बानी की एजेंट की तरह काम कर रही है. अरविन्द केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस देश की सरकार मनमोहन सिंह नहीं बल्कि मुकेश अम्बानी चला रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी पत्नी को लेकर एक व्यक्ति (पत्रकार नहीं) द्वारा सवाल पूछने को लेकर मारपीट हुई और केजरीवाल की ओर जूते उछाले गए. मारपीट की वजह से प्रेस कॉन्फ्रेंस को रोकना पड़ा. केजरीवाल ने कहा है कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन हमारी आवाज नहीं दबेगी.

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रिलायंस और कांग्रेस के बीच के रिश्तों का खुलासा किया. यहां उन्होंने नीरा राडिया और अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य के बीच का ऑडियो का क्लिप को सुनाया. इस टेप में मुकेश अंबानी का भी जिक्र है. केजरीवाल ने सवाल किया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को केजी बेसिन कैसे मिला? क्या कांग्रेस मुकेश अंबानी की दुकान है? उन्होंने कहा कि मुकेश अंबानी की वजह से जयपाल रेड्डी से विभाग छीना गया. उन्होंने कहा कि आरोप है कि मुरली देवड़ा मुकेश अंबानी के आदमी हैं. मुरली देवड़ा की वजह से रिलायंस को एक लाख्र करोड़ रुपए का फायदा हुआ. मुकेश अंबानी ने ब्लैकमेलिंग के लिए केजी डी 6 से उत्पादन आधा कर दिया. केजरीवाल के मुताबिक, मनमोहन सिंह नहीं मुकेश अंबानी सरकार चला रहे हैं. ऐसा लगता है कांग्रेस ने पीएम को फंसा रखा है. पेट्रोलियम कारोबारी हमारे देश में पेट्रोलियम मंत्री बनाते हैं.

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि रिलायंस को गैस के फील्ड इसलिए नहीं दिए गए थे ताकि वो इन पर अपना मालिकाना हक जमा लें. बल्कि इसलिए दिए गए थे ताकि देश की गैस की जरूरतें पूरी हो सकें लेकिन पिछले साल ही रिलायंस ने गैस फील्ड का 30 प्रतिशत ब्रिटिश पेट्रोलियम को बेचकर 35 हजार करोड़ का मुनाफा कमाया.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी ने महंगे में गैस खरीदने की मंजूरी दी. प्रणब मुखर्जी की वजह से रिलायंस को करोड़ों का फायदा हुआ.

केजरीवाल ने कहा कि मुकेश अंबानी की जेब में कांग्रेस और बीजेपी दोनों हैं. जबकि इससे पहले सियासी गलियारों में ऐसी चर्चाएं हैं कि आज केजरीवाल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित में से किसी एक के बारे में बड़ा राज फाश कर सकते हैं. हालांकि सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि केजरीवाल ने उद्योगपति मुकेश अंबानी और कांग्रेस नेता जयप्रकाश अग्रवाल के बारे में भी काफी सनसनीखेज जानकारियां जुटाई हैं.

हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया है कि इस बार उनकी गाज किस पर गिरेगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के तुरंत बाद केजरीवाल ने एक और खुलासा करने का ऐलान किया है. ऐसे में मुमकिन है कि वह सलमान खुर्शीद के बाद फिर से किसी कैबिनेट मंत्री को निशाना बनाएं. जिन मंत्रियों पर उनका निशाना हो सकता है, उनमें अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है.

कर्नाटक में अमानत सहकारी बैंक मामले में रिजर्व बैंक ने उन्हें दोषी पाया है. जबकि वह खुद इससे इंकार कर चुके हैं. मंत्री बनने से ठीक पहले खान राज्यसभा के उप सभापति थे. केजरीवाल के निशाने पर कुछ मुख्यमंत्री और अन्य नेता भी हैं. ऐसे में यह पूरी तरह साफ नहीं है कि इस बार किसकी बारी आएगी. खुर्शीद के अलावा केजरीवाल पिछले दिनों संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को निशाना बना चुके हैं.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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