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शशि थरूर का गुरूर…

By   /  November 2, 2012  /  1 Comment

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-कुमार सौवीर||
गुजरात के मुख्‍मंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी ने शशि थरूर की पत्‍नी को पचास करोड़ वाली गर्लफ्रेंड क्‍या बता दिया, सियासती दबारियों के बीच बतंगड़ खड़ा हो गया। इसी मसले पर कोई तो मोदी की खाट खड़ी करने की कोशिश में जुटा है तो कोई इसी बहाने राष्‍ट्रीय महिला आयोग की अध्‍यक्ष ममता शर्मा के कसबल ढीले कर रहा है। कुछ ही महीने पहले कानपुर में महिलाओं पर बेहूदा टिप्‍पणी करने वाले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जायसवाल पर कीचड़ सानने की कवायद शुरू हो गयी हैं। ममता शर्मा का कहना है कि यह टिप्‍पणी भाजपा की गंदी मानसिकता का परिचायक है, भाजपा की शायना ऐनसी तो प्रकाश जायसवाल-प्रकरण को उछाल कर कांग्रेस की छीछालेदर करने में जुटी हैं तो इंडिया अगेंस्‍ट करप्‍शन की शाजिया इम्‍सी इन दोनों पार्टियों की महिला-विरोधी करतूत मान रही हैं। भाजपा के पलटवार-बयान-वीर मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने तुरंत बयान दाग दिया कि थरूर विदेश मंत्री नहीं, बल्कि लवगुरू हैं और उन्‍हें लवमंत्री का खिताब दिया जाना चाहिए। बिहार में भाजपा की दुश्‍मनी वाली मित्रता कर रहे जेडीयू के शिवानंद तिवारी को थरूर पर नहीं, मोदी के बयान पर ऐतराज है कि औरत वस्‍तु नहीं होती है जिसकी कीमत लगायी जा सके। कुछ भी हो, बवाल तो है थरूर के सिर पर। उनके बयान कि मेरी पत्‍नी बेशकीमती है, फेसबुक पर हंगामा हो रहा है कि उनकी आखिर कौन वाली बीवी बेशकीमती है। उधर थरूर तो मोदी पर थूक कर झटक गये हैं लेकिन मोदी पर गुस्‍सा उनके एक समर्थक पर उड़ेल दिया है उनकी पत्‍नी सुनंदा ने। उसी दिन तिरूअनंतपुर हवाई अड्डे पर तो सुनंदा ने बाकायदा पर तब उस युवक पर तमाचे जड़ दिये, जब थरूर और उनकी पत्‍नी की अगुआई के लिए हवाई अड्डे पर मिलने आया था।
केरल के नायर ब्राह्मण परिवार के शशि थरूर का जन्‍म लंदन में हुआ। भारत में पढाई और बाद में पीएचडी की। लेकिन इसके पहले ही वे संयुक्‍त राष्‍ट्र में नियुक्‍त हो गये, जहां सह महासचिव के जैसे शीर्ष पद तक पहुंचे। इसी बीच शादी हुई, जो बाद में टूट गयी। फिर एक कनाडाई राजनयिक महिला से विवाह किया। और इस तरह जिन्‍दगी के 29 साल बिताये। शान-ओ-शौकत के साथ जिन्‍दगी कट रही थी। उनके साथी थे पाश्‍चात्‍य देशों के। भारत में जितने भी दोस्‍त थे, वे लंदन-अमेरिका से पढ़े ही थे। थरूर जैसी ही जीवन-शैली वाले। लेकिन इसी बीच अचानक उनके सितारे गर्दिश में आ गये। हुआ यह कि थरूर संयुक्‍त राष्‍ट्र में महासचिव के चुनाव में खड़े हो गये। अपने भारतीय दोस्‍तों की मदद से उन्‍हें भारत सरकार ने अपना उम्‍मीदवार बना लिया। मनमोहन सिंह का यह फैसला जार्ज बुश की इस सलाह के बावजूद किया कि थरूर इस अंतर्राष्‍ट्रीय राजनीति में अभी बच्‍चे हैं। लेकिन भारत की राजनीति और कूटनीति को हारना ही था दक्षिण कोरिया के बान-की-मून के हाथों। थरूर के हाथों से उम्‍मीद के कबूतर उड़ गये। भारत की भद्द तो ही गयी थी, लेकिन उसे समेटने के लिए कांग्रेस ने थरूर को केरल के अरूअनंतपुर सीट से लोकसभा का टिकट दिला कर जिता दिया। पहले ही प्रयास में मिली इस जीत के बाद थरूर को देश का विदेश राज्‍य मंत्री बना दिया गया। इसके बाद से थरूर बाकायदा विवादों में ही लिथड़े रहे। पहला विवाद खड़ा हुआ पाकिस्‍तान आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली प्रकरण पर, जब भारत सरकार ने वीजा नियम कड़े करने की कोशिश की। थरूर ने विरोध किया और कहा कि इससे पर्यटन को दिक्‍कत होगी।  इसके बाद का बड़ा बवाल तब हुआ जब थरूर ने ऐलान किया कि भारत और पाकिस्‍तान के विवादों को सुलझाने में सऊदी अरब मध्‍यस्‍थ बन सकता है। बवंडर हुआ कि भारत इसमें किसी बिचौलिये को मंजूरी कर नहीं दे सकता। यह बयान विदेश राज्‍य मंत्री की गैरजिम्‍मेदारी का प्रतीक था। सो, विदेश मंत्री कृष्‍णा ने भी थरूर के सामने तलवारें खींच लीं। हारते जा रहे थरूर ने अब उल्‍टे-पुल्‍टे बयान के बल पर मामले दबाने की कोशिश की। मसलन, हवाई जहाज की सामान्‍य में केवल मवेशी ही यात्रा करते हैं। देश भर में हंगामा हुआ। सरकारी आवास और राजकीय अतिथिगृहों में टिकने के बजाय पांच सितारे होटलों में महीनों तक लगातार टिके रहना। तब के वित्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने तो ऐसी हरकतों पर कड़ा ऐतराज किया और होटलों को फौरन खाली करने का आदेश दे दिया। रही-सही कसर निकल गयी उनकी प्रेमिका सुनंदा पुष्‍कर और थरूर की करतूत पर। सांसद होने के बावजूद 56 वर्षीय थरूर ने अपनी दूसरी पत्‍नी कनाडियन क्रिस्टा गाइल्स को भी तलाक देते हुए 48 बरस की सुनंदा पुष्‍कर से तीसरी शादी कर ली। सुनंदा की भी यह तीसरी शादी थी।  मूल रूप से कश्मीर के सोपोर जिले की रहने वाली सुनंदा पुष्कर का परिवार आतंकवाद से बर्बाद होकर जम्मू आ गया था। सुनंदा के पिता आर्मी ऑफिसर थे. सुनंदा पुष्कर टीकॉम इंवेस्टमेंट कंपनी में बतौर सेल्स मैनेजर काम कर रही है और दुबई में ब्यूटीशियन के तौर पर भी काम करती है। उनके पहले पति संजय रैना एक कश्मीरी थे। रैना से तलाक के बाद सुनंदा ने केरल के एक बिजसनमैन सुजित मेनन से शादी की, लेकिन उनकी भी एक दुर्घटना में मौत हो गई। सुजीत मेनन से सुनंदा का एक 17 वर्ष का बेटा है। उधर क्रिस्टा गाइल्स से भी थरूर को दो बच्‍चे हैं, लेकिन वे दोनों अपनी मां के साथ ही हैं।
हां, हम बात कर रहे थे आईपीएल में थरूर-सुनंदा की रकम पर। दरअसल, तब तक खुद सुनन्‍दा ने कोच्चि आईपीएल में 70 करोड़ रूपये लगाये थे। लेकिन बाद में ललित मोदी ने इसका भंडाफोड़ कर दिया। बवाल हुआ कि कश्‍मीर में जन्‍मी और दुबई में ब्‍यूटी पार्लर में काम करके औसत आमदनी पाने वाली सुनन्‍दा की आड़ में थरूर ने अपनी अवैध बड़ी रकम लगायी है। आईपीएल के कमिश्नर ललित मोदी ने तो थरूर पर यह आरोप तक लगा दिया कि वे कोच्चि टीम को अबूधाबी ले जाना चाहते थे। मोदी के मुताबिक आईपीएल की तीसरी श्रृंखला चल रही थी और आईपीएल ने दो नई टीमें बेच दीं। इसमें से ही एक कोच्चि टीम है जिसने पंद्रह सौ करोड़ रूपये से अधिक में मालिकाना हक खरीदा गया। केंद्र सरकार हिल गयी तो आनन-फानन सुनंदा ने यह सौदा रद कर दिया। लेकिन आग तो भड़क ही चुकी थी। थरूर ने बचाव में कहा कि ललित मोदी एक दक्षिण अफ्रीका मॉडल-अभिनेत्री गैब्रिएला दिमित्रिएदेस का वीजा न दिलवाना चाहते थे और जब यह नियमानुसार नहीं हो पाया तो मोदी ने मुझ पर हमला कर दिया। लेकिन मामला ठण्‍डा नहीं पाया और थरूर को विदेश मंत्रालय से हटा दिया गया। लेकिन विवादों का शोर लगातार बदस्‍तूर रहा। राष्‍ट्रमंडल खेल में मोटी रकम वसूल कर सलाहकार का काम करने पर भी टंटा खड़ा हो गया। जांच शुरू हुई तो शुंगलू समिति के सामने आने से ही थरूर ने इनकार कर दिया। टू-जी बवाल पर जेपीसी जांच के दौरान भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता बैठक से तमतमाते हुए बाहर निकल गये। दासगुप्‍ता का आरोप था कि कांग्रेस सदस्य शशि थरूर एक गवाह का बचाव कर रहे हैं जो समिति की पूरी तरह  ‘प्रक्रियाओं के खिलाफ’ है। उनका आरोप था कि आर्थिक मामले विभाग की तत्कालीन अतिरिक्त सचिव सिंधुश्री खुल्लर का बचाव थरूर कर रहे थे।
थरूर के ट्विटर में साढ़े 10 लाख फॉलोवर हैं। प्रियंका चोपड़ा, किंग खान और बिग-बी से भी ज्‍यादा। वे एकमात्र इकलौते नेता हैं जिन्हें एक सोशल नेट्वर्किंग वेबसाइट पर इतनी लोकप्रियता है। बीजेपी की सुषमा स्वराज और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के 58,263 और 22,880 फॉलोअर हैं।थरूर ने एक दर्जन से ज्‍यादा किताबें लिखीं हैं, इनमें कई-कई भाषाओं में अनुवाद भी हुआ। लेकिन हिन्‍दी में एक भी नहीं। उनकी एक ताजा किताब है फाइव डॉलर स्‍माइल ( पांच डॉलर वाली मुस्‍कान)। थरूर की मुस्‍कान के दीवाने कई हैं। महिलाएं ज्‍यादा। तीन महिलाओं से शादी इस उम्र में करना कोई खेल नहीं है। फिल्‍मकार और अभिनेत्री मीरा नायर एक नाटक में लव से सने इस नाटक में मीरा नायर प्‍याज खाकर अभिनय करती हैं। मीरा का दावा है कि थरूर की बाहों में खुद को देखते ही मीरा पागल हो जाती थीं, इसीलिए प्‍याज की गंध से खुद को सम्‍भालती हैं। कुछ भी हो, ट्विटर पर शशि थरूर ने लिखा है कि पहले मोदी को खुद को किसी के प्यार के काबिल बनाना चाहिए और मेरी पत्‍नी बेशकीमती है। लेकिन फेसबुक पर बहस गर्म हो गयी। ठलुआ क्‍लब की वाल पर एक कमेंट है कि औरत के पीछे पागल आदमी क्या जाने देश प्रेम क्या होता है?  जिस उमर मे लोग अपने बच्चों की शादी करवाते हैं, कांग्रेसी उस उमर मे प्यार करते हैं, और अब तीन-तीन शादी करके प्यार की परिभाषा बतला रहे हैं। कौन सी वाइफ पहली, दूसरी या तीसरी प्राइसलेस है..!!
(कुमार सौवीर वरिष्ठ पत्रकार है, इनसे [email protected], 9415302520 पर सम्पर्क किया जा सकता है.)

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. Kiran Yadav says:

    isa gadhe ko to jooton se peetana chahiye aur tab tak , jab tak gir na jaaye.

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