/समता युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश कोठारी का अभिनंदन..

समता युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश कोठारी का अभिनंदन..

भीम: समता युवा संघ के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष स्थानीय चार्टेड अकाउंटेंट दिनेश कोठारी का मनोनयन पश्चात प्रथम मर्तबा भीम आगमन पर जैन समाज द्धारा जैन स्थानक में बुधवार को साध्वी ज्ञानप्रभा के सानिध्य में समता युवा संघ के तत्वाधान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया. संघ मंत्री भीकम चन्द कोठारी, लाल चंद मुणोत, रतन लाल मारू, धर्मी चंद गन्ना, सुवालाल मुणोत ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को साफा माल्यार्पण कर अभिनंदन किया. अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश कोठारी ने कहा व्यक्ति गौण है व संघ सर्वोपरि है.

आस्था समर्पण, लगन व प्रबल पुरूषार्थ के दम से ही हालातों में परिवर्तन किया जा सकता है तथा कोई संगठन समुचित विकास कर सकता है. जोश जज्बे व उमंग से क्रांतियां घटित होती है. हालातों से समझौता करने वाले अपेक्षित कामयाबी प्राप्त नहीं कर सकते. युवा अपनी शक्ति का सम्यक दिशा में रूपांतरण कर संघ सेवा में प्रवृत बने. कहा कि संघ श्रेष्ठ है एव आत्मविश्वास टटोलें एवं संकल्प पूर्वक चतुर्विध संध के विकास में यथोचित भागीदारी निभाए.

साध्वी सुप्रियदर्शना ने कहा कि यह भीम संघ का सौभाग्य है कि स्थानीय युवा ने अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान कायम की है. कहा कि संघ सेवा का जो बीडा उठाया है उसे निष्काम भाव से निर्वहन करे. व्यवस्था का ख्याल रखते हुए मर्यादा व अनुशासन की हद में विकास के नए सोपान बनाए. प्रशंसा से फूले नहीं व निंदा से रंजिश नहीं पालें. जहॉ राग द्धेष की दिवार नहीं होती है वहीं वास्तविक रूप में धर्म पनाह लेता है.धर्म के आशियानों में सामप्रदायिकता व कूटता की सेंधमारी से बचते हुए समभाव पूर्वक संघ सेवा करें.

संघ मंत्री भीकम चंद कोठारी ने कहा कि हमें गर्व है कि भीम संघ के बिरले व्यक्तित्व कोठारी ने देश की महत्वपूर्ण धार्मिक संस्था के उच्च स्तर पर प्रतिष्ठा हासिल हुई है. इस अवसर पर लाल चंद मुणोत, सुरेश प्रकाश मेहता, सिद्धार्थ गन्ना, अरूण देरासरिया, माणक चंद, अरविंद गुगलिया, रमेश मुणोत, भंवर लाल गुडलिया, दिनेश पोरवाल, हस्ती मल मणोत,  तरूण गन्ना, चन्द्रेश देरासरिया आदि मौजूद थे.

 

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.