/इकलौते पति के लिए तीन बहनों का करवाचौथ व्रत…

इकलौते पति के लिए तीन बहनों का करवाचौथ व्रत…

कहानी थोड़ी फिल्मी है. तीन बहनों का एक ही पति. तीनों ने अपने इसी इकलौते पति की लंबी उम्र के लिए मिलजुल कर करवाचौथ का व्रत भी रखा. यह रियल लाइफ ड्रामा उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले का है, जहां एक ही परिवार की तीन बहनों शोभा, रीना और पिंकी ने छह साल पहले कृष्णा से शादी की थी. तभी से यह तीनों मिलकर अपने अपने पति के लिए व्रत रख रही हैं.

उनका कहना है कि एक ही व्यक्ति से शादी को लेकर उन पर कोई दबाव नहीं था और न ही कोई मजबूरी थी. तीनों ग्रेजुएट भी हैं. उन्होंने अपनी मर्जी से यह फैसला लिया था. इन बहनों के छह बच्चे हैं और सभी एक खुशहाल परिवार की तरह मिलजुल कर रहते हैं. तीनों बहनों का कहना है कि वह हर साल व्रत रखती हैं और अपने पति के साथ मिलकर पूजा करने के बाद ही व्रत खोलती हैं.

हालांकि तीनों बहनें नहीं चाहतीं कि उनके प्यार का तमाशा बने. उन्होंने जिसे पति माना है वह उनके लिए सब कुछ है. सदर रोड निवासी शोभा, रीना और पिंकी ने लगभग छह साल पहले जब कुछ अजब परिस्थितियां बनने के बाद पिता की दुकान में काम करने वाले युवक किशन सोनी से ब्याह किया तो आलोचनाएं हुईं.

कानाफूसी हुई पर तीनों ने ध्यान न दिया. अब तो तीनों के कई बच्चे हैं. मीडिया की नजर में आने के बाद इन बहनों को असहजता भी हुई. अब तो इन लोगों को अपने परिवार से कोई परेशानी नहीं होती, हां समाज से जरूर शिकायत है कि वह रिश्तों में उंगली उठाने से नहीं चूकता. इस बार भी करवा चौथ में तीनों ने सोलह श्रंगार किया और एक ही पति की तीनों ने पूजा अर्चना की.

(एजेंसी)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.