/हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाला: हाई कोर्ट में मन्टू शर्मा का काउन्टर ऐफिडैविट

हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाला: हाई कोर्ट में मन्टू शर्मा का काउन्टर ऐफिडैविट

विश्वस्तरीय दैनिक हिन्दुस्तान के लगभग 200 करोड़ के सरकारी विज्ञापन घोटाले के मामले में मुंगेर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी,जिसकी कांड संख्या-445।2011 है, को रद्द करने की प्रार्थना को लेकर प्रमुख अभियुक्त व मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड की अध्यक्ष शोभना भरतिया की ओर से दर्ज याचिका,जिसका नं0- क्रिमिनल मिससेलीनियस केस नं0-2951 । 2012 है, पर अब पटना उच्च न्यायालय आगामी 26 नवंबर,12 को सुनवाई करेगा।

पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूत्र्ति माननीय अंजना प्रकाश के न्यायालय में 02 नवंबर,12 को उपस्थित होकर वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद और आशुतोष कुमार वर्मा ने क्रिमिनल मिससेलीनियस केस नं0-2951 ।2012 में:‘‘काउन्टर ऐफिडैविट‘‘ जमा कर किया। काउन्टर ऐफिडैविट की एक प्रति सरकारी अधिवक्ता आर0बी0राय रमण और दूसरी प्रति आवेदिका शोभना भरतिया के माननीय अधिवक्ता को दी गई ।
02 नवंबर,2012 को न्यायालय में क्रिमिनल मिससेलीनियस केस नं0-2951 । 2012 में आगे की बहस नहीं हो सकी क्योंकि आवेदिका शोभना भरतिया के माननीय अधिवक्ता ने ‘‘काउन्टर-एफिडैविट‘‘ में जवाब देने के लिए समय की मांग की जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
02 नवंबर,12को ज्योंहि दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले के मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई, वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने न्यायालय को सूचित किया कि ‘‘ माननीय न्यायालय के आदेश पर वे क्रि0मि0 केस नं-2951 ।2012 में आज काउन्टर ऐफिडैविट सुपुर्द कर रहे हैं।‘‘
‘‘मन्टू शर्मा के अधिवक्ता सुमन सिंह ने मुकदमे से अलग होने का अचानक निर्णय लिया‘‘
स्मरणीय है कि इस न्यायालय में 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन घोटाले की प्राथमिकी रद्द करने के विन्दु पर सुनवाई गत 08अक्तूवर,12 को भी हुई थी। विज्ञापन घोटाले के सूचक मन्टू शर्मा की ओर से पटना उच्च न्यायालय में कानूनी पैरवी कर रहे वरीय अधिवक्ता सुमन सिंह ने न्यायालय के समक्ष अपने आप को इस मुकदमे से अलग होने की अचानक सूचना दी। उनके इस निर्णय से दैनिक हिन्दुस्तान के आर्थिक अपराध को उजागर करने के ऐतिहासिक अभियान में कानूनी लड़ाई लड़ रहे सूचक मन्टू शर्मा और उनसे जुड़े सभी आर0टी0 आई0 कार्यकर्ता मायूस हो गए ।
इस विषम परिस्थिति में सूचक मन्टू शर्मा की ओर से वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद और आशुतोष कुमार वर्मा ने न्यायालय में बहश में हिस्सा लिया । बहश पूरे दो घंटों तक चलीं ।अधिवक्ता श्री प्रसाद ने न्यायालय के समक्ष मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445। 2011 की प्रमुख अभियुक्त शोभना भरतिया के आर्थिक अपराध के इतिहास और सरकारी विज्ञापन लूट कांड से जुड़े दस्तावेजी सरकारी सबूत को न्यायालयके समक्ष पेश किया ।
सभी अभियुक्तों के विरूद्ध प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणितःःमुंगेर पुलिस ने कोतवाली कांड संख्या-445।2011 में सभी नामजद अभियुक्तों क्रमशः ।1। शोभना भरतिया, अध्यक्ष, दी हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली,।2।शशि शेखर, प्रधान संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, नई दिल्ली,।3। अकु श्रीवास्तव, कार्यकारी संपादक, हिन्दुस्तान, पटना संस्करण,।4। बिनोद बंधु, स्थानीय संपादक, हिन्दुस्तान, भागलपुर संस्करण और ।5। अमित चोपड़ा, मुद्रक एवं प्रकाशक,मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली, के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420।471।476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्र्ेशन आफ बुक्स एक्ट,1867 की धाराएं 8।बी0।,14 एवं 15 के तहत लगाए गए सभी आरोपों को अनुसंधान और पर्यवेक्षण में ‘सत्य‘ घोषित कर दिया है ।

पटना से काशी प्रसाद की रिपोर्ट Mobile No.0943161106

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.