/हुड्डा कर रहे हैं प्रापर्टी डीलिंग का कारोबार – चौटाला

हुड्डा कर रहे हैं प्रापर्टी डीलिंग का कारोबार – चौटाला

जयश्री राठौड़

चंडीगढ़, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के प्रमुख विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल  (इनेलो) के  प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके सहयोगी पूरी तरह से प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा कर रहे हैं.

यहां चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री हुड्डा व उनके सहयोगी और बेहद विश्वासपात्र लोग कई नामी बेनामी कंपनियों में निदेशक बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों द्वारा गुडग़ांव व अन्य प्रमुख शहरों में लाइसेंस लेकर व्यापक स्तर पर प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा किया जा रहा है और किसानों को परेशान करके कौडिय़ों के भाव उनकी जमीनें खरीदी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के करीबी मित्र व विधायक विनोद शर्मा के बेटे साथ-साथ उनके पिकाडली समूह के वित्त डायरेक्टर के अलावा मुख्यमंत्री के मित्र रोहतक निवासी सुशील गुप्ता उर्फ पोपट भी बिना कोई शेयर होते हुए ओंकारेश्वर प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर बने हुए हैं.

उन्होंने कहा कि इसी कंपनी के एक डायरेक्टर सत्यानंद याजी भी हैं जो मुख्यमंत्री के साथ मिलकर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर एक संगठन चलाते हैं और इस संगठन की ओर से चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा के जन्म-दिन एवं बरसी पर अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन भी दिए जाते हैं. उन्होंने इस संबंध में कई कंपनियों की सूची और उनसे संबंधित दस्तावेज जारी करते हुए दावा किया कि इनमें से ज्यादातर कंपनियों में मुख्यमंत्री के करीबी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं और सीधे-सीधे इनके माध्मय से मुख्यमंत्री प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा कर रहे हैं.

उन्होंने इन सभी मामलों की न्यायिक जांच सर्वोच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश से करवाए जाने की मांग करते हुए कहा कि इस जांच के बाद ही इन कंपनियों के लेन-देन, जमीनों की खरीदोफरो त और कंपनियों के बेनामी मालिकों का सही पता चल पाएगा.

इस अवसर पर इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, विधायक दल के उपनेता शेर सिंह बडशामी, राष्ट्रीय महासचिव आरएस चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केसी बांगड़, पार्टी के मीडिया प्रभारी राम सिंह बराड़ व कार्यालय सचिव एनएस मल्हान भी उपस्थित थे.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.