/मेरे अच्छे चरित्र पर अंगुली उठाई दिग्विजय ने: राखी सावंत

मेरे अच्छे चरित्र पर अंगुली उठाई दिग्विजय ने: राखी सावंत

आइटम गर्ल राखी सावंत ने दिग्विजय सिंह द्वारा अरविन्द केजरीवाल से उसकी तुलना को अपने कथित “अच्छे चरित्र” पर लांछन मानते हुए  मुंबई के पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र के गृह सचिव को पत्र लिखकर कांग्रेस महासचिव पर मामला दर्ज करने की मांग की है. राखी ने दिग्विजय के खिलाफ चरित्र हनन का मामला दर्ज करने की मांग की है.

पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह, राज्य के गृह सचिव और गोरेगांव थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को लिखे पत्र में सावंत ने कहा है कि मैं दिग्विजय को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानती. इस तरह की टिप्पणी कर दिग्विजय सिंह ने मेरी छवि और सम्मान को चोट पहुंचायी है.

यही नहीं, राखी सावंत ने दिग्विजय सिंह की टिप्पणी से गहरा आघात पहुंचने का दावा करते हुए सावंत ने कहा कि उन्होंने अपने वकील से कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का नोटिस जारी करने को कहा है और अपनी अच्छी छवि पर हमले के लिए 50 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है.

पत्र में कहा गया है कि मैंने अपने वकील एजाज नकवी को निर्देश जारी कर मानहानि का नोटिस जारी करने और दिग्विजय से 50 करोड़ रुपये मुआवजा मांगने को कहा है. यह मेरे अच्छे चरित्र पर गंभीर हमला है सिंह ने कल ट्विट कर सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने केजरीवाल की तुलना राखी से की और कहा कि दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना किसी साक्ष्य के.

गौतलब है कि दिग्विजय सिंह ने ट्विट किया था कि अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं. दोनों खुलासे करते हैं लेकिन बिना साक्ष्य के. बहरहाल उन्होंने राखी से माफी भी मांगी और कहा था कि राखी सावंत से माफी मांगता हूं, मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.