/एथलीट पिंकी प्रमाणिक की मेडिकल जांच रिपोर्ट विवादों में…

एथलीट पिंकी प्रमाणिक की मेडिकल जांच रिपोर्ट विवादों में…

भारत के लिए खेलों में कई पदक जीतने वाली एथलीट पिंकी प्रमाणिक की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के साथ ही विवादित हो गयी है है. पुलिस के अनुसार इस जांच रिपोर्ट में पिंकी को एक पुरुष बताया गया है. साथ ही कहा गया है कि पिंकी सहवास करने योग्य है.

कोर्ट में सोमवार को पेशी के दौरान पुलिस ने कहा कि मेडिकल जांच में पिंकी को डॉक्टरों की टीम ने पुरुष पाया है. गौरतलब है कि पिंकी की गर्लफ्रेंड अनामिका ने उन पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था और कहा था वह पुरुष है. इसी के बाद यह पूरा मामला प्रकाश में आया और इसकी जांच के आदेश दिए गए थे. इसी के चलते पिंकी को गिरफ्तार भी किया गया था.

दूसरी तरफ पुरूष होने के आरोप का सामना करने वाली पिंकी प्रमाणिक ने आरोप लगाया है कि जांच अधिकारी उन्‍हें आत्‍महत्‍या के लिए मजबूर कर रहे हैं. पिंकी ने कहा मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित किया गया है कि वह बलात्‍कार करने में सक्षम नहीं है.

पिंकी ने कहा कि मेडिकल रिर्पोट की एक प्रति आग्रह करने के बाद भी नहीं दिया गया. आरोप लगने के बाद पिंकी ने कहा कि मेरे खिलाफ गहरी साजिश किया जा रहा है. और मुझे आत्‍महत्‍या करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.