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पत्रकारों के रंगरेलियां कांड में जांच के आदेश, एसओ लाइन-हाजिर

पत्रकारों के रंगरेलियां कांड में जांच के आदेश, एसओ लाइन-हाजिर, बिजलीघर प्रबंधन ने भी कड़ी कार्रवाई के तहत जांच के आदेश दिये, बुकिंग कराने वाले पत्रकार पर भी लटकी तलवार, पत्रकारों में हड़कंप, छात्रनेता और बिजली कर्मचारियों ने भी जांच की मांग की….

-कुमार सौवीर||

लखनऊ: सोनभद्र में बिजली उत्‍पादन विभाग के वीवीआईपी गेस्‍ट हाउस में रंगरेलियां मनाने के खुलासे से हड़कंप मच गया है। बिजली के आला अफसर ने इस बात की जांच के आदेश कर दिये हैं कि इन पत्रकारों को किस आधार पर गेस्‍ट हाउस में बुक कराया गया था और किसकी शह पर वहां अनैतिक व्‍यवहार चल रहा था। उधर खबर है कि ओबरा पुलिस थाने के इंचार्ज को हटा कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। पता चला है कि गेस्‍ट हाउस को बुक कराने वाले ब्‍यूरो प्रमुख के खिलाफ उक्‍त राष्‍ट्रीय दैनिक अखबार प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। अनेक संगठनों और समाजसेवियों ने भी इस मामले की फौरन निष्‍पक्ष जांच की मांग की है।

बताते चलें कि गत 9 नवम्‍बर को यहां के ओबरा स्थित बिजली विभाग के वीवीआईपी गेस्‍टहाउस में यहां के तीन बड़े स्‍थानीय पत्रकारों ने एक कॉलगर्ल के साथ रंगरेलियां मनायीं। यहां चल रहे अनैतिक व्‍यवहार की खबर मिलने पर पुलिस ने छापा मारकर महिला समेत तीनों पत्रकारों को रंगेहाथ दबोच लिया था। लेकिन इसी बीच कई एमएलए से लेकर लखनऊ के बड़े अफसरों और पत्रकारों की सिफारिशों वाले फोन घनघनाने शुरू हो गये तो दुबकी हुई पुलिस ने आनन-फानन में मामला हमेशा-हमेशा के लिए खत्‍म कर दिया। बताते हैं कि रंगरेली कांड में लिप्‍त रहे इन तीनों पत्रकारों की हैसियत करोड़ों रूपयों की है और वे कई क्रशर और खनन व्‍यवसाय से जुड़े हैं।

इस गेस्‍ट हाउस रंगरेली कांड का खुलासा होते ही पुलिस के आला अफसर ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ओबरा पुलिस के थानाध्‍यक्ष हरीश यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सुभाष दुबे के आदेश के मुताबिक अब इस थाने पर अरविंद यादव को कमान थमायी गयी है। हालांकि हरीश यादव पर हुई यह कार्रवाई दूसरे अन्‍य मामलों के आधार पर भी की गयी है। ओबरा बिजली उत्‍पादन गृह के मुख्‍य महाप्रबंधक पी प्रसाद ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और वीवीआईपी गेस्‍ट हाउस में पत्रकारों के नाम पर कमरा बुक कराने की जांच के आदेश दे दिये हैं। पता चला है कि बुकिंग करा कर वहां अपने दोस्‍तों के साथ रंगरेलियां मनाने वाले पत्रकार के खिलाफ उसके अपने ही प्रबंधक ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। समझा जाता है कि जल्‍दी ही यहां कई लोगों पर निशाना लग सकता है।

उधर बिजली कर्मचारियों के संगठन के एक वरिष्‍ठ नेता विजय सिंह ने ओबरा प्रशासन और सीजीएम को पत्र लिख कर मामले पर कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। जबकि स्‍थानीय छात्र नेता विजय शंकर यादव ने मुख्‍यमंत्री समेत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख कर ऐसे पतित पत्रकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। श्री यादव ने मुख्‍यमंत्री की वेब साइट पर भी पूरा वाकया बयान कर दिया है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.