/मैक्लोड़गंज में तिब्बती युवा कर रहे हैं अपराध..

मैक्लोड़गंज में तिब्बती युवा कर रहे हैं अपराध..

-अरविन्द शर्मा||
अहिंसा के पुजारी धर्मगुरू दलाईलामा की नगरी में रह रहे तिब्बतियों को  धर्मगुरू का अहिंसा का उपदेश  रास नही आ रहा है. खासकर युवा पीढ़ी धर्मगुरू के दिखाए रास्ते पर न चलकर नशे  और हिंसा की प्रवृति की ओर बढ़ रही है. मिनी ल्हासा के नाम से विख्यात मैक्लोड़गंज में तिब्बती युवा आए दिन जिस तरह से नशे  में धुत्त होकर माहौल को खराब करने की कोशिश  कर रहे हैं उससे स्थानीय लोगों में जहां भय का माहौल व्याप्त है वहीं उनमें तिब्बती समुदाय के प्रति गुस्सा भी है. तिब्बती समुदाय की बढ़ती दादागिरी यहाँ तक पहुंच  गई है कि उनके लिए स्थानीय लोगों को चाकू मारने जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं. आम लोगों के बाद अब पुलिस वालों  को दिन-दिहाड़े भरी भीड़ में चाकू मार देना इसी  बात का सबूत  है कि तिब्बती युवाओं को कानून का डर ही नही रह गया है. आलम यह है कि इस साल मैक्लोड़गंज और धर्मशाला में ही तिब्बती युवाओं द्वारा करीब आधा दर्जन चाकू मारने की घटनाएं सामने आई हैं.
बीते दिन रविवार को मैक्लोड़गंज में एक पुलिस कांस्टेबल राजिंद्र कुमार को भरी भीड़ में तिब्बती युवा द्वारा छोटी सी बात पर चाकू मारना और बाद में खुद को भी चाकू मारने की घटना से क्षेत्र में भय का माहौल बनाने की कोशीश  पहली बार नही हुई  है. इसी साल अब तक करीब आधा दर्जन ऐसी घटनाओं को तिब्बती युवाओं द्वारा अंजाम दिया जा चुका है. इससे पूर्व कुछ समय पहले ही एक स्थानीय टैक्सी चालक को नोरबलिंगा में किराए को लेकर हुई बहस के बीच चाकू से घायल कर दिया गया था. उक्त युवक की शक्ल मैक्लोड़गंज चैक में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे में भी कैद हुई थी लेकिन उसे नही पकड़ा जा सका. इसी तरह कोतवाली बाजार में खनियारा रोड पर भी एक स्थानीय दुकानदार द्वारा दो तिब्बती युवकों को दुकान के सामने बाईक खड़ी न करने को लेकर हुई कहासुनी में उक्त बुर्जुग दुकानदार को भी चाकू से वार कर दिया जिन्हें स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था. इसी तरह इससे पूर्व भी इस साल तिब्बतियों द्वारा इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है. इन सभी घटनाओं से एक बात तो साफ है कि तिब्बती युवाओं के पास हर समय चाकू जैसे हथियार रहना सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े करते हैं.

वहीं बीते दिन रविवार को मैक्लोड़गंज में पुलिस कांस्टेबल को चाकू मारने वाले तिब्ब्ती युवक डोगल 32 ने खुद को भी चाकू से वार किया था जिसका टांडा अस्पताल में आप्रेशन किया गया है. वहीं घायल कांस्टेबल की हालत अब ठीक है. मैक्लोड़गंज थाना के एस.एच.ओ. गुरवचन सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तिब्बती युवा के खिलाफ आई.पी.सी. की धारा 324 और 309 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है. उक्त तिब्बती के स्वस्थ हो जाने के बाद उसे न्यायालय में पेश  किया जाएगा.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.