/बलमा गीत मेरे लिए जैकपॉट लगने जैसा है- श्रीराम चन्द्र

बलमा गीत मेरे लिए जैकपॉट लगने जैसा है- श्रीराम चन्द्र

आकर्षक व्यक्तित्व, मधुर आवाज़ और बुद्धिमान होना यह तीनो खूबियाँ एक इंसान में हो तो फिर क्या कहने ? ऐसा ही कुछ अद्भुत संयोजन हैं इन्डियन आयडल 5 फेम गायक श्रीराम चन्द्र में. जो उन्हें दूसरों से अलग बनाता है.

दक्षिण के इस स्टार ने 8 वर्ष की आयु से ही परफोर्म करना शुरू कर दिया था अब तक 80 से अधिक स्टेज शो कर चुके श्रीराम ने बी टेक की पढ़ाई की है, इंडियन आयडल विजेता बनने के बाद उनका पहला एलबम ‘रहनुमा’ रिलीज़ हुआ था. इसके अलावा उन्होंने फिल्म ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’ में इस्क-रिस्क और मधुबाला आदि रीमिक्स गीतों को भी गाया है. अभी वो चर्चित हैं क्योंकि उनका गाया आयटम नंबर ‘बलमा’ आज सुपर हिट हो रहा है.

उनसे बातचीत हुई उनके इसी गीत को लेकर प्रस्तुत हैं कुछ मुख्य अंश —— 
‘बलमा’ गीत ने जिस तरह लोकप्रियता हासिल की है क्या आपको लगा था कि यह इतना हिट होगा जब आपने इसे गाया था?
जब मैंने इसे गाया था तो लगा था की कुछ हिट तो होगा लेकिन इतना पसंद आएगा श्रोताओं को यह नही पता था| इस गीत के लिए मैं हिमेश जी और अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देता हूँ.
कैसे मौका मिला यह गीत गाने का ?
यह भी इतेफ़ाक की बात है एक शो के दौरान हिमेश जी से मेरी मुलाक़ात हुई उन्होंने मेरी गायकी को सराहा और कहा की तुम मेरी फिल्म में गाओगे.
कैसा रहा हिमेश , श्रेया के साथ काम करना और खिलाड़ी कुमार के लिए अपनी आवाज़ देना? बहुत ही यादगार रहा यह अनुभव मेरे लिए , खिलाड़ी कुमार के लिए गाना क्या कहूं वास्तव में बहुत ही खुश नसीब हूँ मैं. कह सकता हूँ अक्षय, हिमेश जी और श्रेया तीनो के साथ काम करना मतलब मेरे लिए जैकपॉट से कम नही है.
हमने सुना है आप अभिनय में भी दिलचस्पी रखते हैं? हाँ, आपने सही सुना है मुझे अभिनय में भी दिलचस्पी है एक शो में परफोर्मेंस के दौरान कुछ फिल्म निर्माताओं को मेरा परफोर्मेंस पसंद आया और उन्होंने मुझसे संपर्क किया और स्क्रिप्ट सुनने के बाद मैंने हाँ कर दी| अभी मैं 2 तेलुगू फिल्म कर रहा हूँ.
तो क्या हम जल्दी ही आपको किसी हिंदी फिल्म में भी देखेगें? हाँ, क्यों नही जरुर हो सकता है हिंदी फिल्मों में गाने से पहले मैं दक्षिण की भाषाओँ में गीत गा रहा था उसी तरह अभी मैं उधर की फिल्मों में अभिनय कर रहा हूँ तो हो सकता मुझे हिंदी फिल्मों में भी अभिनय करने का मौका मिल जाए जल्दी ही.
आप किस अभिनेता के लिए गीतों को गाना चाहेगें? मैं इमरान और अक्षय कुमार के लिए तो गा चुका हूँ अब बिग बी और किंग खान के लिए गीत गाने की तमन्ना रखता हूँ.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.