Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

भगवान के नाम पर ठगी का गोरखधंधा…

By   /  December 3, 2012  /  3 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

देहरादून से नारायण परगाई||

देहरादून.  भगवान के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने की बाते फिल्मो में ही देखने को मिलती हैं और भगवान का नाम आते ही व्यक्ति धार्मिक हो जाता है. कुछ समय पूर्व ‘ओ माई गौड’ फिल्म देखने वालो ने देखा था कि किस तरह भगवान के नाम पर धार्मिक भावनाओ को भड़काया गया, फिल्म के चर्चित होने से लेकर सिनेमाघरो में इस फिल्म ने धूम मचाकर करोड़ो का कारोबार किया. इसी की तर्ज पर भगवान के नाम का सहारा लेकर करोड़ो के वारे न्यारे किए जाने का खेल खेला जा रहा है.

हालाकि पूर्व में भी कई फर्जी कंपनियां लोगो के धन को दोगूना करने का झांसा देकर करोड़ो के वारे न्यारे कर चुकी हैं और आज तक देश के अंदर लाखो ग्राहको का इमानदारी का पैसा वापस नही मिल सका है. उत्तर प्रदेश के लखनउ शहर में पैसा दोगुना किए जाने का खेल खेला जा रहा है और श्री सांई स्पेसेस क्रिएशन लिमिटेड कंपनी के इन्दिरा नगर लखनउ में कंपनी को एनर्जी इंश्योरेंस सैक्टर में बड़ी कंपनी का दम भरते हुए लोगो से निवेश के नाम पर चंद वर्षों में धन को दोगुना करने का वादा कर फर्जी वाड़े को अंजाम दिया जा रहा है.

इस कंपनी के मास्टर माइंड  चेयरमैन एसएस श्रीवास्तव जो पूर्व में सांई प्रसाद ग्रुप के कर्मचारी थे जहां से सांई प्रसार ग्रुप में गबन के चलते इन्हें कंपनी से निकाल दिया गया था. कंपनी से निकाले जाने के बाद उक्त मास्टर माइंड श्रीवास्तव ने भगवान सांई के नाम पर अपनी एक प्राइवेट कंपनी बनाकर लोगो के धन का दोगुना करने का खेल खेलना शुरू कर दिया बकायदा उक्त कंपनी को गूगल पर श्री सांई कंपनी टाइप करने के बाद कंपनी की साइट खुल जाने के बाद लोगो को झांसे में लेना शुरू किया, इतना ही नही श्रीसांईग्रुप ऑफ कंपनीज को बदनाम करने के लिए मास्टर माइंड श्रीवास्तव द्वारा इस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को तैयार किया गया और लखनऊ के अलावा कंपनी के कानपुर, दिल्ली, पुने व अन्य जगहो में ऑफिस खोले गए और अब भारत के अन्य राज्यो में भी आफिस खोलने की तैयार की जा रही है.  लखनउ में जब इस कंपनी के बारे में पता किया गया तो वहां मौजूद मैनेजर कोई संतोषजनक जवाब नही दे पाया.

सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार उक्त कंपनी का आइआरडीएआइ से कोई अप्रूवल नही है और ना ही कंपनी का कोई एनर्जी प्रौजैक्ट भारत के किसी भी राज्य में चल रहा है. कंपनी के डायरैक्टर एसएल श्रीवास्तव से जब इस बारे में बातचीत करनी चाही तो उनसे फोन से संपर्क नही हो सका. सूत्र बताते हैं कि निवेशको को 5 वर्षों में धन दोगुना करने का लालच देकर उक्त कंपनी लखनउ, कानपुर के अलावा कई जगहो पर अपना जाल बिछा चुकी है और निवेशको से लाखो रूप्ए की रकम की दोगुना करने के नाम पर रकम एकत्र कर ली गई है. इतना ही नही कंपनी ने एक बड़े ग्रुप के चैनल की कंपनी का नाम बताकर लोगो को अपने पक्ष में लुभाने का प्रयास किया है. सवाल यह उठ रहा है कि जब देश के अंदर से पूर्व में सैकड़ो कंपनियां लोगो के अरबो रूपए लेकर फरार हो चुकी हैं तो अब किस आधार पर उक्त कंपनी अपना गोरखधंधा अंजाम देती हुई नजर आ रही है.

इससे पूर्व देश के अंदर से क्रिस्टल कारपोरेशन, अपेक्स इंडिया, सहित कई कंपनियां निवेशको के करोड़ो रूप्ए डकार चुकी हैं और उनके मैनेजिंग डायरैक्टर आज तक जेल की सलाखो के पीछे नही पहुंच सके हैं और कंपनियो के डायरैक्टर राजनैतिक पार्टियो में भी उंचे पदो पर बैठ गए हैं.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 5 years ago on December 3, 2012
  • By:
  • Last Modified: December 3, 2012 @ 5:12 pm
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. sai prasad in sye.
    chahir bhi karyawahi honiab ka baap hai us pa.

  2. Mahendra Tamhane. says:

    लोभिओं के गावमे धूर्त भूखे नही मरते।

  3. Amit Sahgal says:

    mai is company ke bare me jaanta hu yes sriwastav ek bahut bada farji aadmi hai.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पनामा के बाद पैराडाइज पेपर्स लीक..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: