/गुजरात में 87 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी…

गुजरात में 87 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी…

गुजरात में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 15 जिलों की 87 सीटों के लिए मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हो गया है। सुबह 9 बजे तक छह फीसद वोट डाले गए हैं। सौराष्ट्र की 48 और दक्षिण गुजरात की 35 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, वन मंत्री मंगूभाई नवसारी बूथ नंबर 95 पर ईवीएम खराब होने की वजह से अपना मत नहीं डाल पाए। वहीं, केशुभाई पटेल ने राजकोट में अपना वोट डाला।Election_2012_Gandhinagar

गौरतलब है कि वर्ष 2007 में कुल 85 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिसमें 58 भाजपा, 24 कांग्रेस और एक अन्य को वोट मिले थे। बृहस्पतिवार को हो रहे मतदान में वैसे तो सीधा मुकाबला भाजपा और काग्रेस के बीच है, लेकिन भाजपा के बागी केशुभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी [जेपीपी] ने त्रिकोणीय मुकाबले का माहौल बना दिया है। गुजरात का यह चुनाव इस मायने में अहम है, क्योंकि इसके नतीजे राष्ट्रीय राजनीति की सियासी तपिश को बढ़ाएंगे और मोदी के भविष्य के साथ भारतीय राजनीति की दिशा का निर्धारण करेंगे। शायद इसीलिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले बार की तुलना में इस बार अधिक सीटों से जीत हासिल कर राष्ट्रीय राजनीति पर उभरने की राह देख रहे हैं।

दूसरी ओर, करीब दो दशक से प्रदेश की सत्ता से दूर काग्रेस सीटें बढ़ाकर सम्मानजनक स्थिति पाने की कवायद में जुटी है। वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में इन 85 सीटों में से 58 भाजपा, 24 कांग्रेस, 1 राकांपा और 2 सीटें अन्य के खाते में गई थीं।

वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव के पहले चरण की तस्वीर..

प्रत्याशी : 846 (इनमें 46 महिलाएं शामिल)

मतदाता : 3.80 करोड़ (1.81 करोड़ महिलाएं शामिल)

पोलिंग केंद्र : 44,579

ईवीएम : 44,579

सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र : कामराज (304,621)

सबसे छोटा निर्वाचन क्षेत्र: कारंज (144,161)

सबसे अधिक प्रत्याशियों वाला निर्वाचन क्षेत्र : लिंबायत (20)

दलगत प्रत्याशी : पार्टी, प्रत्याशी

भाजपा, 87

काग्रेस, 84

गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी), 83

बसपा, 79

निर्दलीय, 383

अन्य, 130

आपराधिक छवि :

गैरसरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्मस (एडीआर) ने पहले चरण के 482 प्रत्याशियों के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण किया है। विश्लेषण के मुताबिक 104 प्रत्याशी (22 प्रतिशत) ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं।

– इनमें से 46 प्रत्याशियों पर गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं।

– लगभग सभी दलों ने आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट दिया है।

आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों की दलगत स्थिति।

पार्टी, प्रत्याशी, प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले, प्रतिशत, प्रत्याशियों पर गंभीर आपराधिक मामले, प्रतिशत।

भाजपा, 87, 22, 25, 9, 10

काग्रेस, 83, 27, 33, 8, 10

जीपीपी, 83, 21, 25, 11, 13

टॉप 5 दागी प्रत्याशी

प्रत्याशी, जिला, निर्वाचन क्षेत्र, पार्टी, केस

1. छोटूभाई अमरसिंह वासव, भरूच, झगड़िया, जदयू, हत्या, डकैती, चोरी समेत 28 मामले

2. महेशभाई छोटूभाई वासव, नर्मदा, देदियापाड़ा, जदयू, हत्या, चोरी, डकैती समेत 24 मामले

3. प्रवीण सिंह समत सिंह सोलंकी, सुरेंद्रनगर, लिंबडी, जीपीपी, हत्या और हत्या के प्रयास के दो मामले

4. भारतभाई द्वारकादास ढोकाई, जामनगर, द्वारका, जेडीयू, हत्या का एक मामला

5. अल्ताफ गफूरभाई पटेल, भरूच, वागरा, जदयू, हत्या के प्रयास समेत नौ मामले

प्रत्याशियों की संपत्तिया

– एडीआर ने 482 प्रत्याशियों की संपत्ति का विश्लेषण करने के बाद पाया कि इनमें से 30 प्रतिशत करोड़पति हैं। 2007 के चुनाव में 21 प्रतिशत करोड़पति प्रत्याशी थे

– छह करोड़पति प्रत्याशियों ने हलफनामे में अपने पैनकार्ड का जिक्त्र नहीं किया है

करोड़पति प्रत्याशियों की दलगत स्थिति

पार्टी, प्रत्याशी, करोड़पति, प्रतिशत

भाजपा, 87, 60, 69

काग्रेस, 83, 53, 64

जीपीपी, 83, 23, 28

दलवार प्रत्याशियों की औसत संपत्ति: पार्टी, औसत संपत्ति (रुपये में)

भाजपा, 4 करोड़

काग्रेस, 6 करोड़

जीपीपी, 1 करोड़

टॉप 5 अमीर प्रत्याशी :

प्रत्याशी, जिला, निर्वाचन क्षेत्र, पार्टी, संपत्ति (रुपये में)

1. इंद्रानिल संजयभाई राजगुरु, राजकोट, राजकोट पूर्व, काग्रेस, 122 करोड़

2. जवाहरभाई पेठालालजीभाई चावड़ा, जूनागढ़, मनवादर, काग्रेस, 82 करोड़

3. राजाभाई पर्बतभाई परमार, जूनागढ़, सोमनाथ, बसपा, 40 करोड़

4. परषोत्तमभाई उद्ववजीभाई सोलंकी, भावनगर, भावनगर ग्रामीण, भाजपा, 37 करोड़

5. हीराभाई उद्ववजीभाई सोलंकी, अमरेली, राजुला, भाजपा, 34 करोड़

टॉप 5 गरीब प्रत्याशी :

प्रत्याशी, जिला, निर्वाचन क्षेत्र, पार्टी, संपत्ति (रुपये में)

1. मिनेशभाई मगनभाई पटेल, वलसाड, वलसाड, जीपीपी, 0

2. बिसमिल्ला अब्दुलखान पठान, राजकोट, राजकोट दक्षिण, निर्दलीय, एक हजार

3. दिनेशभाई गुलाबभाई पवार, डाग, डाग, जदयू, एक हजार

4. लालाजीभाई कड़ाभाई पढि़यार, जामनगर, कलवाड, आरपीआइ, छह हजार

5. नरेंद्र चनाभाई परमार, जामनगर, जामनगर दक्षिण, निर्दलीय, 10 हजार

सियासी समीकरण :

सौराष्ट्र में लेउवा पटेल जाति का वर्चस्व है। इसके नेता नरेश पटेल ने केशूभाई पटेल का समर्थन कर दिया है। नतीजतन परंपरागत भाजपा को समर्थन देने वाला यह वोट बैंक नरेंद्र मोदी के लिए चुनौती बन गया है।

दक्षिणी गुजरात में कोली पटेल प्रभावी है। 2002 और 2007 के चुनाव में इसने भाजपा को समर्थन दिया था। इस बार केशूभाई के कारण भाजपा को नुकसान होने की आशका है

प्रमुख प्रत्याशी :

पोरबंदर : अर्जुन मोधवाडिया (काग्रेस) बनाम बाबू बोखीरिया (भाजपा)

गोंडल : गोर्धन जड़ाफिया (जीपीपी) बनाम जयराजसिंह जडेजा (भाजपा)

विसवदर : केशूभाई पटेल (जीपीपी) बनाम कनुभाई भलाला (भाजपा)

भावनगर (ग्रामीण) : शक्तिसिंह गोहिल (काग्रेस) बनाम पुरुषोत्तम सोलंकी (भाजपा)

धोरजी : विट्ठल रडाडिया (काग्रेस)

बनाम हरिभाई पटेल (भाजपा)

2007 विधानसभा चुनाव : कुल सीटें (182)

पार्टी, सीटें

भाजपा, 117

काग्रेस, 59

अन्य, 6

सौराष्ट्र (2007): सीटें (52)

भाजपा : 38

काग्रेस :13

अन्य : 1

(जागरण)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.