/हिमाचल में ईवीएम की 45 दिनों की सुरक्षा पर 4 करोड़ खर्च

हिमाचल में ईवीएम की 45 दिनों की सुरक्षा पर 4 करोड़ खर्च

लगभग 33,000 डाक मतपत्र कई निर्वाचन क्षेत्रों में एक निर्णायक भूमिका निभा सकतें हैं..सभी 68 निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम वीरवार दोपहर तक मिल जायेंगे…

-धर्मशाला  से अरविन्द शर्मा||

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों पर कुल खर्च लगभग  10 करोड़ रुपये के आसपास हुआ है,  यह छह करोड़ हो सकता था, अगर ईवीएम की सुरक्षा 45 दिनों के  लंबे अंतराल के लिए न करनी पड़ती, Voters-of-kinnaurहिमाचल विधानसभा के लिए मतदान 4 नबम्बर को हुआ , मतदान और २० दिसम्बर की मतगणना के बीच के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा ४५ दिन करनी पड़ी,इसी प्रक्रिया पर चार करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय करना पड़ा   मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरिंदर चौहान ने मंगलवार को कहा, “इस अवधि के लिए 42,000 सुरक्षा कर्मियों के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और ईवीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया था, 4000 व्यक्तियों गिनती दिन के लिए नियुक्त किया गया है “.

उन्होंने कहा ,”लाहौल स्पीति के आदिवासी क्षेत्र भारी बर्फ की वजह से कट गया है यहाँ से ईवीएमको अग्रिम में कुल्लू जिले के लिए स्थानांतरित कर दिया गया था , लेकिन 11 डाक मतपत्र बर्फ बाध्य लाहौल घाटी से नहीं लाया जा सके क्युकी रोहतांग दर्रे जो  लाहौल और स्पीति जिले के साथ कुल्लू को जोड़ता है को  बंद कर दिया गया है और चुनाव आयोग को इसके बारे में सूचित कर दिया गया है “, उन्होंने कहा. ये वोट एक विशेष समिति और माइक्रो पर्यवेक्षक की देख रेख में अब  उदयपुर में गिना जाएगा, उन्होंने कहा, उनका कहना है कि 11 डाक मतपत्र के कुल्लू के लिएहेलीकाप्टर से लाना बेहद महगा होता जिसके लिए लगभग छह लाख का खर्च आता, जो एक व्यवहार्य विकल्प नहीं  होगा.

वह बाहर एक कुल 1.18 लाख डाक मतपत्र है , जो कई निर्वाचन क्षेत्रों में एक निर्णायक भूमिका निभा सकते है, अब तक केवल 33,000 से अधिक डाक मतपत्र ही प्राप्त किया हुए  है और इनकी संख्या  35,000 निशान को छूने की उम्मीद की जा सकती  हैं ऐसे मत पत्र वीरवार सुबह 7.30 बजे तक की समय सीमा तक लिए जायेंगे, 2007 के विधानसभा चुनावों में 22,000 डाक मतपत्र डाले गए थे .

उन्होंने बताया की प्रदेश की सभी 68 सीटों की  गिनती 20 दिसंबर को सुबह ८ बजे शुरू होगी और दोपहर तक सभी परिणाम घोषित हो जायेंगे  वोटो की गिनती के लिए व्यापक व्यवस्था कर दी गयी  है,

” ईवीएम से मतों की गिनती में किसी भी संभव रुकावट  की देखभाल करने के लिए, भारत  हेवीइलेक्ट्रोनिक लिमिटेड (भेल) के  इंजीनियरों की मदद की मांग की गई है और बीएचईएल विशेषज्ञ सभी गिनती केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे  ” चौहान ने कहा.

उन्होंने बताया की 2012  के इन चुनावों में 74,000 सेना कर्मियों सहित पुलिस और होम गार्ड के कर्मियों और 42,000 राज्य सरकार के कर्मचारि ड्यूटी पर थे,

चुनाव आचार संहिता जो 24 दिसंबर तक प्रभाव में रहेगी  के मॉडल कोड का उल्लंघन करने के लिए संबंध में अभी तक 230 व्यक्तिगत शिकायतों सहित कुल 364 शिकायते मिली हैं

 

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.