/ब्रिटिश महिला का जैसलमेर के युवक पर धोखाधड़ी का आरोप

ब्रिटिश महिला का जैसलमेर के युवक पर धोखाधड़ी का आरोप

-चन्दन सिंह भाटी||
जैसलमेर. एक ब्रिटिश महिला पर्यटक ने जैसलमेर के एक युवक पर बहला-फुसला कर 30 लाख रुपए ऐंठकर शादी से इनकार करने का आरोप लगाया है। उसने इस सिलसिले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।camel-safari-jaisalmer

ब्रिटेन की एलेक्सांद्रा स्मिथ चार साल से बड़ाबाग निवासी भूराराम माली के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। स्मिथ के अनुसार भूरा शादीशुदा था। उसने महिला को बताया था कि उसकी पहली पत्नी से कोई संतान नहीं है। उसने एलेक्सांद्रा से शादी की बात भी कही थी। माली ने स्मिथ से बहन की शादी के लिए डेढ़ लाख और कार खरीदने के लिए चार लाख रुपए मांगे। उसने होटल बनाने के लिए भी मोटी रकम ऐंठ ली। स्मिथ ने पुलिस को बताया कि भूरा ने उससे कुल 30 लाख रुपए ऐंठे हैं। जब स्मिथ ने शादी की बात की तो वह उसे छोड़ कर चला गया।

कभी बहन की शादी के लिए तो कभी कार खरीदने के लिए पैसे मांगने का आरोप

अलेक्संट्रा की रिपोर्ट के अनुसार भूरा राम ने उससे कभी बहन की शादी के लिए डेढ़ लाख रुपए लिए तो कभी नई कार खरीदने के लिए चार लाख रुपए मांगे। इसी प्रकार उसने होटल बनाने के लिए भी उससे मोटी रकम ली।

रिपोर्ट के अनुसार भूरा राम ने उससे 30 लाख रुपए बहला फुसलाकर ले लिए। रिपोर्ट के अनुसार चार साल तक भूरा राम उसके साथ रहा और बाद में उसने विदेशी महिला को छोड़ दिया।

यहां आए दिन सामने आते हैं ऐसे मामले

गौरतलब है कि जैसलमेर पर्यटन मानचित्र पर खूब नाम कमा चुका है। यहां हर साल सैलानियों की तादाद बढ़ रही है। इस बीच यहां कई प्रकार से व्यापार पनप रहा है। जिसमें से एक यह भी है कि विदेशी बुजुर्ग महिला को शादी का झांसा देकर उससे पैसे ऐंठना। आम तौर पर देखा गया है कि विदेशी बुजुर्ग महिलाएं ही ऐसे मामलों में सामने आती है। उनका संबंध यहां रहने वाले 25 से 30 वर्षों के युवकों के साथ होता है।

पूर्व में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें कइयों ने विदेशी महिलाओं को पैसा वापिस दे दिया। वहीं एक बार एक विदेशी महिला एक युवक से शादी करने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। वर्तमान में भी कई विदेशी महिलाएं जैसलमेर के युवकों के साथ लिव इन रिलेशनशिप की तरह रह रही है। वे वीजा खत्म होने पर वापिस चली जाती है और थोड़े ही दिनों में वापिस यहां आ जाती है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.