/काँगड़ा में कांग्रेस की बल्ले बल्ले, दो निद्लीय भी जीते

काँगड़ा में कांग्रेस की बल्ले बल्ले, दो निद्लीय भी जीते

-धर्मशाला से अरविन्द शर्मा||

काँगड़ा जिला में घोषित हुए फ़ाइनल प्रिन्नामों के अनुसार  नूरपुर में कांग्रेस के अजय महाजन ने मौजूदा विधायक एवं आज़ाद उमीदवार राकेश पठानिया को 3367 मतों के अंतर से हराया, भाजपा के रणवीर सिंह तीसरे स्थान पर रहे  इन्दोर (सुरक्षित) से कांग्रेस के कमल किशोर ने भाजपा की रीता देवी को 2431 मतों के अंतर से हराया. फतेहपुर से कांग्रेस के सुजान सिंह पठानिया ने भाजपा के बलदेव ठाकुर को 7217 मतों के अंतर से हराया तो  जवाली विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस के नीरज भारती ने भाजपा के अर्जुन सिंह को 4434 मतों के अंतर से हराया.  देहरा क्षेत्र से भाजपा के सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री रविंदर रवि ने आज़ाद उमीदवार योग राज को15293 मतों अंतर से हराया.himachal

इस सीट पर कांग्रेस के राजिंदर रान्ना तीसरे स्थान पर रहे, इस सीट पर हिमाचल के चुनावों में सबसे अधिक 16 प्रतियाशी मैदान में थे.  जसवन परागपुर से भाजपा के विक्रम ठाकुर ने कांग्रेस के निखिल रजौर को 7093मतों के अंतर से हराया  वहीँ ज्वालामुखी से कांग्रेस के संजय रतन ने खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भाजपा के रमेश धवाला को4029 मतों के अंतर से हराया.  जयसिंह पुर सुरक्षित से कांग्रेस के यादविंदर गोमा ने भाजपा के कैप्टन आत्मा राम को 9735 मतों के अंतर से हराया   तो सुलह से कांग्रेस के जगजीवन पाल ने भाजपा के विपिन सिंह परमार को 4428 मतों के अंतर से हराया. नगरोटा से कांग्रेस के जी एस बाली ने निर्दलीय अरुण कुमार को 2743 मतों के अंतर से हराया इस सीट पर भाजपा के मंगल चौधरी तीसरे स्थान पर रहे.

काँगड़ा से निर्दलीय पवन काजल ने कांग्रेस के सुरेंदर काकू को 563मतों से हराया ,भाजपा के मौजूदा विधायक संजय कुमार तीसरे स्थान पर रहे. शाहपुर से समाँजिक कल्याण मंत्री भाजपा की सर्वीं चौधरी ने कांग्रेस में फिर से आये मेजर मनकोटिया को 3123 मतों से हराया.  धर्मशाला से कांग्रेस के बैजनाथ से आये सुधीर शर्मा ने उद्योग मंत्री भाजपा के किशन कपूर को 5000 मतों के अंतर से हराया. पालमपुर से कांग्रेस के ब्रिज बिहारी बुटेल ने भाजपा के परवीन शर्मा को 9020 मतों के अंतर से हराया.  बैजनाथ सुरक्षित से कांग्रेस के किशोरी लाला ने भाजपा के मुलख राज प्रेमी को 6652 मतों के अंतर से हराया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.