/सामूहिक दुष्कर्म पीडि़ता के इंसाफ के लिए ट्राई सिटी प्रेस क्लब के सदस्यों ने ली शपथ

सामूहिक दुष्कर्म पीडि़ता के इंसाफ के लिए ट्राई सिटी प्रेस क्लब के सदस्यों ने ली शपथ

-एम. विक्रांत||

ट्राई सिटी प्रेस क्लब (चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली) ने दिल्ली में चलती बस मेडिकल छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घोर भत्र्सना की है। बैठक मे सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि जब तक पीडि़ता को इंसाफ नहीं मिल जाता उसके समर्थन में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में प्रदर्शन जारी रखे जाएं। gangrape-delhiक्लब के सदस्यों ने कैंडल जला कर संकल्प लिया कि इंसाफ की इस लड़ाई में पत्रकार अपनी भूमिका से पीछे नहीं हटेंगे। ढकौली (जीरकपुर) के कंफोर्ट बेक्वट हाल में शनिवार को हुई बैठक में दो दर्जन से ज्यादा पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बैठक ट्राईसिटी प्रेस क्लब  की अध्यक्ष संतोष गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। संतोष गुप्ता ने आह्वान किया कि पत्रकार अपनी  कलम से  ऐसे जाघन्य अपराधो को  रोकने के लिए समाज मेंं जागरूकता पैदा  करे। उन्होंने कहा दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रेक अदालतों में हो और सबूतों के आधार पर उसका फैसला जल्द से जल्द आए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि यह नजीर ऐसे होने वाली घटनाओं को  रोक सके। क्लब के महासचिव एम विक्रांत शर्मा ने कहा बलात्कार की बढ़ती वारदातों ने समाज के तंत्र को हिलाकर रख दिया है। दिल्ली की इस घटना को अगर मीडिया इस तरह नहंीं उभारता तो यह भी सामान्य दुष्कर्म की घटना ही रहती। दिल्ली में इस साल छह सौ से ज्यादा ऐसी घटनाएं हो चुकी है लेकिन एकाध को छोड़ किसी की कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई है। मीडिया ने अपने धर्म का निर्वहन कर समाज में जागरूकता को पैदा करने का जो काम किया है उसी का नतीजा है कि सभी आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए हैं। दिल्ली में राष्ट्रपति भवन, संसद,नार्थ ब्लाक-साउथ ब्लाक से लेकर  राजपथ पर उमड़े जनसमूह ने इस बाबत कानून में बदलाव का रास्ता बना दिया है। वरिष्ठ साहित्यकार सुशील बंसल शील ने कहा कि दिल्ली की घटना से नारी जाति शर्मसार हुई है लेकिन लोगों के अथाह समर्थन से उसे संबल मिला है। बैठक में क्लब के वरिष्ठ उप प्रधान विजय धीमान पिंजोर, उप प्रधान विजय हंस , सचिव सूरज राय चोपड़ा, सह सचिव हरकेश एरी, वित्त सचिव टी डी पांडे, सोहन लाल बंगोत्रा, विनोद शर्मा,  संगठन सचिव  संजीव हरी, प्रेस सचिव सुखविंदर सिंह सुक्खी पत्रकार बी एस अशोक , देव कीर्ति गुड्डू , पवन कुमार, अमित सेठी , संता सिंह , एस एल गोयल,  सुशील बंसल शील,  सौरव , अतुल , नरेंद्र राय, आरके विक्रम शर्मा और महेंद्रसिंह राठौड़ आदि मौजूद थे

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.