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ETV उर्दू के पत्रकार की दिल्ली में गोली मार कर हत्या, घरवालों ने लगाया साज़िश का आरोप

By   /  August 5, 2011  /  2 Comments

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उत्तरी पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में ईटीवी उर्दू के एक पत्रकार अकरम लतीफ को कुछ बदमाशों ने गोली मार दी। जामिया मिलिया से सन 2003-04 बैच में पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्‍त करने वाले अकरम पहले ईटीवी, हैदराबाद मे कार्यरत  थे और कुछ दिनों पहले ही उनका तबादला अमरोहा कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि अकरम अमरोहा से सांसद राशिद अल्वी के यहां दिल्ली में होने वाली कोइफ्तार पार्टी की कवरेज़ के लिए आए थे, लेकिन जफराबाद रोड पर उन्हें गोली मार दी गई।

हालांकि पुलिस सूत्रों ने कहा है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार लूटपाट का विरोध करने पर अकरम को गोली मारी गई है, लेकिन उनके घरवालों ने दावा है कि यह एक साजिश का नतीज़ा है। अकरम के भाई आलम ने मीडिया दरबार को बताया किउन्हें कई दिनों से धमकी मिल रही थी। आलम के मुताबिक अकरम अमरोहा की बस से उतरने के बाद किसी की  मोटरसाइकिल पर सांसद के यहां जा रहे थे, लेकिन अब न मोटरसाइकिल है न मोटरसाइकिल का मालिक।

उधर पुलिस के अनुसार वेलकम थाना क्षेत्र जफराबाद रोड पर एक व्‍यक्ति को लूटे जाने का विरोध अकरम ने किया। जिसके बाद बदमाशों ने अकरम को दो गोलियां मार दीं। इसके बाद वे फरार हो गए। सूचना के बाद पुलिस ने अकरम को गुरु तेग बहादुर अस्‍पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मूल रूप से अमरोहा के रहने वाले अकरम की शादी कुछ साल पहले ही हुई थी। उनको एक बच्‍चा भी है। अकरम के घरवालों को इसकी सूचना पुलिस ने ही दी थी। अकरम के मौत की खबर के बाद उनके जानने वालों में शोक व्‍याप्‍त है।

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. premsingh says:

    अकरम की हत्या चाए लूट का विरोद करने के वजहे से हुई ह या साज़िसन उस को मारा गया है ? रिपोर्टर अकरम की हत्या का खुलासा पोलिसे को जल्दी से जल्दी करना chayea. eas na ho के पोलिसे अकरम हत्या फाइल को बी और फाइल क्र तरह ठन्डे बसत म डाले डी.

  2. शोभित says:

    ये निश्चित तौर पर सोची समझी हत्या है। आश्चर्य की बात ये है कि मोटरसाइकिल और सवार दोनों कौन थे.. उनका पता भी नहीं मालूम किसी को.

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