/दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटालाः शोभना भरतिया सहित अन्य की सम्पत्ति जब्त कर गिरफ्तारी की मांग

दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटालाः शोभना भरतिया सहित अन्य की सम्पत्ति जब्त कर गिरफ्तारी की मांग

-मुंगेर से श्रीकृष्ण  प्रसाद की रिपोर्ट||
मुंगेर।बिहार।,25 दिसंबर।बिहार के चर्चित आर0टी0आई0 एक्टिविस्ट,वरीय अधिवक्ता और पत्रकार काशी प्रसाद नेबिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार और पुलिस महानिदेशक अभ्यानन्द से मुंगेर कोतवाली कांड संख्या- 445। 2011 के सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी और उनकी चल-अचल सम्पत्तियों की जब्ती की मांग कर दी है ।उनका कहना है कि 200 करोड़का दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन फर्जीवाड़ा कांड एक अन्तर्राष्ट्र्ीय स्तर का आर्थिक अपराध है। मुंगेर पुलिस ने भी अपनी पर्यवेक्षण-टिप्पणी में इस कांड को एक बड़ा आर्थिक अपराध घोषित किया है।shobhana_bhartia
बिहार में आर्थिक अपराधियों की सम्पत्ति जब्त हो रही है:
‘‘चूंकि बिहार पुलिस ने हाल के दिनों में शस्त्र-तस्करों और शराब के अवैध कारोबारियोंकी सम्पत्ति जब्त करने की काररवाई शुरू कर दी है,इसलिए बिहार पुलिस अब 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन फर्जीवाड़ा के नामजद अभियुक्तोंकी सम्पत्ति जब्त करनेको स्वतंत्र है।उनका कहना है कि पटना उच्च न्यायालय में अभियुक्तों केद्वारा मुकदमा हार जाने के बाद बिहार पुलिस के लिए अभियुक्तों के विरूद्ध गिरफ्तारी   और उनकी सम्पत्तियों की जब्ती की काररवाई के लिए  कानूनी- रास्ता साफ हो गया है । गत माह बिहार की मुंगेर पुलिस ने आर्थिक अपराध में लिप्त दो शस्त्र -तस्करों की  सम्पत्ति को जब्त करनेकी काररवाई की थीं।
पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बिहार पुलिस का मनोबल बढ़ा:
गत 17 दिसंबर को पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्तिमाननीय अंजना प्रकाश ने अभियुक्तोंके एफ0आई0आर0 रद्द करने के आवेदन पर संज्ञान लेने से साफ इन्कार कर दिया और मुंगेर पुलिस को इस कांड का अनुसंधान तीन माह में पूरा कर लेने का स्पष्ट आदेश जारी  कर दिया ।पटना उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक आदेश से बिहार पुलिस का मनोबल काफी बढ़ गया हैऔर उम्मीद की जाती है कि बिहार  पुलिस अभियुक्तों के विरूद्ध ठोस काररवाई में पीछे नहीं हंटेगी ।
शोभना भरतिया सहित अन्य नामजद अभियुक्त हैंइस फर्जीवाड़ा में:
मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445। 2011 में नामजद अभियुक्तों में शामिल हैं- श्रीमती शोभना भरतिया। अध्यक्ष, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड,नई दिल्ली।, अमित चोपड़ा।  मुद्रक और प्रकाशक, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली।, शशि शेखर। प्रधान संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।, अकू श्रीवास्तव। स्थानीय संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, पटना संस्करण, पटना। और बिनोद बंधु। स्थानीय संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, भागलपुर और मुंगेर संस्करण, भागलपुर।सभी अभियुक्त भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420, 471 और 476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्र्ेशन आफ बुक्स एक्ट,1867 की धाराएं 8 ।बी।,14 और 15 के अन्तर्गत आरोपित हैं। प्राथमिकी में सभी नामजद अभियुक्तों पर आरोप लगाया गया है कि उनलोगों ने फर्जी कागजात प्रस्तुत कर केन्द्र और राज्य सरकारों से लगभग दो सौ करोड़ रूपया  का सरकारी विज्ञापन प्राप्त कर लिया ।
किन-किन व्यक्तियों की गिरफ्तारी हो सकती है? ‘‘ इस कांड के नामजद अभियुक्तों के साथ-साथ भागलपुर स्थित प्रिंटिंग प्रेस के मालिक, दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर और लखीसराय जिला मुख्यालयों में अनाधिकृत रूप से कार्यरत हिन्दुस्तान कार्यालयों के प्रबंधकों और ब्यूरों प्रमुखोंकी भी गिरफ ्तारी की जा सकती है । इसके साथ-साथ अवैध ढंग सेप्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर और लखीसराय संस्करणों को  मुंगेर और लखीसराय जिलों में वितरित करनेवाली  न्यूज एजेंसियों के मालिकों की भी गिरफ्तारी हो सकती है’’,वरीय अधिवक्ता बिपिन कुमार मंडल ने उच्च न्यायालय केआदेश आने के बाद अपना कानूनी तर्क दिया है ।श्री मंडल कहतेहैं कि -‘‘चूंकि पटना उच्च न्यायालय को प्रेषित जांच रिपोर्ट में मुंगेर के जिलाधिकारी कुलदीप नारायण ने स्पष्ट कर दिया है कि मुंगेर और लखीसराय जिलों में वितरित हो रहे दैनिक हिन्दुस्तान के अलग-अलग  संस्करण अवैध हैं और उन संस्करणों को अलग-अलग निबंधन नम्बर होना चाहिए था। जिलाधिकारी की इस रिपोर्ट के आलोक  मेंमुंगेर और लखीसराय जिलोंमें बिना निबंधन के वितरित हो रहे दैनिक हिन्दुस्तान अखबार के संस्करणों से जुड़े किसी भी  व्यक्ति को पुलिस किसी भी समय गिरफ्तार करनेके लिए  अब स्वतंत्र है,’’ श्रीमंडल ने आगे अपना कानूनी मंतव्य दिया है ।
पर्यवेक्षण-टिप्पणियां जारी:  इस सनसनीखेज आर्थिक अपराध कांड में पुलिस उपाधीक्षक ए0के0 पंचालर और पुलिस अधीक्षक पी0 कन्नन ने अपनी-अपनी ‘‘पर्यवेक्षण-टिप्पणियां’’ जारी कर दी हैं और पर्यवेक्षण -टिप्पणियों में अभियुक्तों के विरूद्ध लगाए गए सभी आरोपों को ‘‘ प्रथमदृष्टया सत्य’’ घोषित कर दिया है । अब मुंगेर पुलिस को नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध न्यायालय में आरोप -पत्र समर्पित करना और उनकी गिरफ्तारी करना बांकी रह गया है ।(श्रीकृष्ण प्रसाद मुंगेर में आर0टी0आई0 एक्टिविस्ट, वरीय अधिवक्ता और पत्रकार हैं।)

The 200 crore Dainik Hindustan Advertisement Scandal case:

The demand for the arrest and the confiscation of the properties of Shobhana Bharatia and other accused persons gains momentum in Bihar

By ShriKrishna Prasad, Munger,Bihar,India

Munger(Bihar),Dec 25.The President of the Watch Dog group and government witness in the sensational 200 crore Dainik Hindustan Advertisement scandal,Kashi Prasad, who is also an R.T.I activist of national level ,senior lawyer and journalist,in a press note today, has urged the Chief Minister of Bihar ,Nitish Kumar and the Director General of Police,Bihar,Abhyanand, to confiscate the properties of all the accused persons of the Munger Kotwali Case No.445 of 2011 on the plea that this case relates to the economic offence of serious-nature not in India,but in the world of the media.The accused persons include Smt.Shobhana Bharatia(the Chairperson of M/S Hindustan Media Ventures Limited,New Delhi),Amit Chopra(the Publisher,M/S Hindustan Media Ventures Limited,New Delhi),Shashi Shekhar(Chief Editor,Dainik Hindustan ,New Delhi),Aaku Srivastawa(the Regional Editor,Dainik Hindustan,Patna Edition,Patna) and Binod Bandhu(the Regional Editor,the Bhagalpur and Munger editions of Dainik Hindustan,Bhagalpur).

It is worth mentioning that Kashi Prasad has been honoured by Arvind Kejriwal earlier.

Meanwhile,Mr.Prasad has also hailed the decision of the Bihar government in which the govt. has begun confiscating the properties of arms-smugglers and illicit- liquor manufacturers.Recently, on the directives of the Director General of Police(Bihar,Patna),the Munger police under the leadership of the Police Superintendent,P.Kannan, have confiscated the properties of two arms-smugglers in the Munger district in Bihar.

” If the govt. confiscates the properties of arms-smugglers,the govt. is also free to confiscate the properties of the accused persons in connection with the famous 200 crore Dainik Hindustan Advertisement scandal case,” advocates Mr. Prasad.

Kashi Pd also demands arrest of the accused persons:

In the press -note, Mr.Prasad has also urged the Bihar Chief Minister,Nitish Kumar and the D.G.P(Bihar),Abhyanand to expedite the arrest of the accused persons of this case immediately in the wake of the findings of the supervision-reports of the S.P(Munger) and the Dy.S.P(Munger) .The S.P and the Dy.S.P have found all allegations against the accused persons “primafacie true.” It is worth mentioning that the Honourable Justice Anjana Prakash has directed the Munger police to complete the police investigaton in this instant case within three months from the date of the receipt of this court order. The High Court order has ,in fact, strengthened the morale of the Bihar police in the investigaton of this world famous case.

No legal hurdles in the arrest now : “As all the two orders of the Patna High Court,in which the Court had stayed any kind of action against the accused persons,now stand vacated after the final order came in this case on December,17,2012, the Bihar police are now free to arrest any of the named accused persons any moment,” opines the senior lawyer,Bipin Kumar Mandal.Mr.Mandal is also the governnment witness in this famous case.

All the accused persons namely Shobhana Bharatia,Amit Chopra,Shashi Shekhar,Aaku Srivastawa and Binod Bandhuhave been charged with cheating and committing forgery with the Union and the Bihar governments in a bid to get the government advertisements under sections 420/471 and 476 of the Indian Penal Code and sections 8(B)/14 and 15 of The Press & Registration of Books Act,1867.

The charge-sheet and the arrest awaited: After the submission of the supervision-reports of the Dy.S.P and the S.P,the Munger police are to arrest the accused persons and to submit the charge-sheet against them in the court.(EOM)

By ShriKrishna Prasad,an R.T.I activist,lawyer and journalist,Munger,Bihar

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.