/धिक्कार है ऐसी पुलिस पर…

धिक्कार है ऐसी पुलिस पर…

ये है हमारे तिरंगे की इज्जत हमारे समाज के रक्षक कहलाने वाले पुलिस की नजर में. जिस तिरंगे के लिए न जाने कितने ही वीर सपूतों ने अपने प्राणों की कुर्बानी दी, न जाने कितनी ही माँओं के गोद उजड़ गए, न जाने कितने ही सुहागनों के मांग का सिंदूर मिट गया. जिस तिरगे की हिफाजत के लिए आज भी हजारों जवान कड़ाके की ठंढ की परवाह किये बिना वर्फ से ढकी पहाड़ों पर शरहद पर खड़े रहते हैं,tiranga-police उसी तिरंगे को हमारे पुलिसवाले अपने क़दमों के निचे कुचल रहे है, लाठी चार्ज में डंडे की जगह लोगो के हांथों से छीन कर तिरंगा लगे डंडे का इस्तेमाल किया जा रहा है.  इस तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान खुलेआम किया जा रहा है. यह कोई एडिट किया हुआ तस्वीर नहीं है, बल्कि 23 दिसम्बर को जन्तर-मन्तर से उस समय लिया था जब कई हज़ार लोग  स्वामी रामदेव और पूर्व सेनाध्यक्ष श्री वी.के सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे थे और बलात्कारियो को फाँसी की सजा की मांग करते हुए इंडिया गेट की तरफ जाने के लिए आगे बढ़े थे .उसी समय कांग्रेस सरकार की अंधी पुलिस ने बुड्ढ़े बच्चों महिलाओं के साथ-साथ श्री वी . के सिंह पर लाठियाँ बरसायी .

यही अपराध अगर कोई आम आदमी करता तो उस पर देश द्रोह माना जाता, उस मुक़दमे भी चलते और सजा भी होता. जैसा की पहले भी हुआ है सचिन ने अगर तीन रंगों वाला केक काट दिया तो देशद्रोह हो गया. सानिया मिर्जा ने तिरंगे की तरफ टेबल पर पैर रख दिया तो देशद्रोह, किसी मॉडल ने तिरंगे के रंग का बिकनी पहन लिया तो देश द्रोह. मैं भी मानता हूँ ये तीनो ही घटना में राष्ट्रिय ध्वज का अपमान हुआ है लेकिन  ये कैसा कानून  देश के सिपाही तिरंगे का सम्मान करना नहीं जानते हैं. जब रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के समर्थक झंडे को नीचे भी रख देते थे तो मीडिया हंगामा खड़ा कर देती थी,  इस तस्वीर में साफ दिख रहा है कि लोगों के हाथ से तिरंगा छीन कर उसी से मार रही है पुलिस जो कि कानून का उलंघन है . लेकिन इसके लिए हमारी सरकार कोई कदम नही उठाएगी क्युकी ये पुलिस वाले लाठी चार्ज उसी सरकार के लिए कर रही है. ना इनके खिलाफ कोई रिपोर्ट लिखी जा सकती है क्युकी रिपोर्ट लिखने वाले भी तो पुलिसवाले ही होते है. जो पुलिस राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना नहीं जानती वो किसी और का सम्मान क्या करेगी . धिक्कार है ऐसी पुलिस पर जो राष्ट्रीय ध्वज का भी सम्मान करना भी नहीं जानती.

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This is Vikas K Sinha, I am basically from Village + Post Bajitpur kasturi, Anchal - Sahdei Buzurg, District - Vaishali, Bihar. but living in Delhi. I am Working in a private company as a office asst. and also doing some social work with my some friends