/महेश भट्ट, अपनी बेटी की कीमत पर भी बाज़ नहीं आओगे..?

महेश भट्ट, अपनी बेटी की कीमत पर भी बाज़ नहीं आओगे..?

खुले सेक्स के समर्थक महेश भट्ट एक तरफ जहां अपनी फिल्मों के जरिये मल्टी सेक्स पार्टनर के कल्चर को और भी प्रमोट कर रहे हैं वहीं उनकी बेटी पूजा भट्ट अपने सेल फोन पर आ रहे अश्लील मैसेज से परेशान हैं. पूजा ने इस बात की शिकायत पुलिस को भी की है और साथ ही उन्होंने ट्विटर पर भी इसकी जानकारी दी है और नंबर पोस्ट किया है जो कि 918308984111 है. दूसरी तरफ महेश भट्ट लगातार अपनी फिल्म मर्डर 3 को प्रमोट करने के लिए मल्टी सेक्स पार्टनर की तरफदारी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आजकल इस तरह के संबंधों का जमाना है.mahesh-bhatt_pooja-bhatt_kangana-ranaut___74475
महेश भट्ट जो कि बॉलीवुड के एक जाने माने निर्देशक निर्माता हैं और साथ ही अपनी लव स्टोरी पर आधारित फिल्मों को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं आजकल सेक्स को अपनी फिल्मों में डालकर लोगों को वो परोस रहे हैं जो कि वो देखना चाहते हैं. महेश भट्ट का कहना है कि वो जमाने गये जब लोग एक ही सेक्स पार्टनर के साथ रहना पसंद करते थे आजकर लोगों के लिए कई लोगों के साथ सेक्स करना कोई बड़ी बात नहीं है और इसमें कोई बुराई भी नहीं है.

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महेश भट्ट की इससे पहले आई फिल्मों मर्डर, राज़, राज़ 2 में भी महेश भट्ट के किरदार मल्टी सेक्स पार्टनर के साथ इंवॉल्व थे. अब एक बार फिर से ‘ मर्डर 3’ में भी महेश भट्ट अपनी उसी सोच को सामने रखने वाले है. महेश भट्ट ने हमेशा से अपनी फिल्मों के जरिये जिस्मानी संबंधों से जुड़ी बातों को बड़ी ही आसानी से सबके सामने रखा है. लेकिन लोगों के लिए महेश भट्ट का इतनी आसानी से इस विवादास्पद विषय पर बात करना और अपनी राय देना कुछ अजीब है.

भारत देश में जहां युवा सबसे ज्यादा फिल्मों और उनके किरदारों से प्रभावित होते हैं वहां पर एक जाने माने फिल्मकार महेश भट्ट का ऐसा बयान वाकई लोगों की सोच पर बुरा असर डाल सकता है. खुद महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट को आने वाले अश्लील मैसेज और कॉल्स इस बात का उदाहरण हैं कि उनकी सोच ने युवाओं पर किस तरह का असर डाला है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.