/शिक्षक ने नाबालिग छात्रा को कापी चैक करने के बहाने घर बुला दुष्कर्म किया..

शिक्षक ने नाबालिग छात्रा को कापी चैक करने के बहाने घर बुला दुष्कर्म किया..

ज़िला संगरूर के एक सरकारी स्कूल के एक शिक्षक ने अपनी कक्षा की छात्रा को कापी चैक करने के बहाने घर बुलाया और उसके साथ ही कथित दुष्कर्म कर डाला. दुष्कर्म के बाद वह छात्रा को धमकाता रहा. dushkarmशिक्षक स्कूल परिसर में ही उक्त छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने लगा जिसे स्कूल की छात्राओं और कुछ शिक्षकों ने देख लिया तो सारी पोल खुल गयी. छात्रा को मुंह बंद रखने की धमकी भी दी गयी जिसके चलते छात्रा सहम गयी और स्कूल नहीं आयी. चीमा थाना में पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. शिक्षक फरार हो गया है. शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है और संगरूर के सिविल अस्पताल में छात्रा का डाक्टरी मुआयना तीन डाक्टरों के बोर्ड द्वारा किया गया.
पीडि़ता लड़की के पिता द्वारा थाना चीमा में शिकायत दर्ज करवायी गयी कि उसकी आठवीं कक्षा में पढ़ती नाबालिग लड़की को गणित मास्टर ने कापी चैक करने के बहाने घर बुलाया और उसके साथ बलात्कार किया.
बाद में उसे डराया-धमकाया कि अगर उसने मुंह खोला तो उसे जान से मार दिया जायेगा जिससे वह सहमी रहती थी. भुल्लर ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है लेकिन शिक्षक फरार है. उसकी तलाश के लिए छापामारी की जा रही है. यह भी पता चला है कि पुलिस द्वारा शिक्षक के एक रिश्तेदार को हिरासत में लिया गया है.
उल्लेखनीय है कि छात्रा कुछ दिन से स्कूल नहीं आयी तो स्कूल के कुछ शिक्षकों द्वारा उसे घर से बुलाया गया तो वह डरी-सहमी हुई थी. कुछ छात्राओं ने महिला शिक्षकों को बताया कि गुरजंट सिंह गणित मास्टर द्वारा उक्त छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करते देखा गया था. उसके उपरांत मास्टर ने उन सभी छात्राओं को भी धमकाया.
घटना की पूरी पड़ताल की गयी तो पीडि़त छात्रा ने रोते हुए बताया कि उसे प्रैक्टिकल के बहाने घर बुलाकर उसके साथ जबरदस्ती की गयी थी और उसे मारने की धमकी भी दी गयी थी. इसके उपरांत पीडि़ता के मां-बाप को प्रिंसिपल प्रेमजीत सिंह ने बुलाकर जब घटना के बारे में बताया तो उनके पांव तले ज़मीन खिसक गयी. पीडि़ता के पिता द्वारा सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल नमौल के शिक्षक गुरजंट सिंह के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवायी गयी. ज़िला शिक्षा अधिकारी निर्मल सिंह सोही ने कहा कि शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.