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हैदराबाद में सीरियल बम विस्फोट: 10 की मौत

By   /  February 21, 2013  /  3 Comments

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आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के दिलसुख नगर इलाक़े में दो जगहों पर विस्फोट की ख़बर है. विस्फोट में पाँच लोगों की मौत हो गई है.487241_578776495468760_2106553148_n

विस्फोट वहाँ एक बस स्टैंड और एक थियेटर के बाहर हुए हैं. इन धमाकों में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं.

घायलों को पास के अस्पतालों में ले जाया गया है. विस्फोट शाम के समय हुआ है और उस व्यस्त इलाक़े में उस समय भीड़-भाड़ थी.

केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने दो विस्फोटों की पुष्टि करते हुए बताया है कि उन्होंने राज्य के राज्यपाल, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से इस बारे में बात की है.

सिंह के अनुसार इलाक़े को घेर दिया गया है और वहाँ पर जाँच दल पहुँच रहा है.

पुलिस अभी तक निश्चित तौर पर ये नहीं बता पा रही है कि ये बम विस्फोट था या नहीं मगर उसने इस आशंका से इनकार भी नहीं किया है.

अगर ये बम विस्फोट होता है तो हैदराबाद में 2007 के बाद से ये पहला बम विस्फोट होगा.

उस समय मक्का मस्जिद सहित तीन जगहों पर विस्फोट हुए थे. मक्का मस्जिद के अलावा लुंबिनी पार्क और एक व्यस्त इलाक़े कोठी में भी विस्फोट हुए थे.

जब वे तीन धमाके हुए थे तब भी एक बम दिलसुख नगर में रखा गया था मगर उसे निष्क्रिय कर दिया गया था.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. Mahender Singh Thakur says:

    ALL FRiendes namskar….bam ki koe jaat nahi hoti wo fatta hain aur jan hani hoti hi hai isse samsya ka hal nahi hota hindu aur muslim desh ki EK hi ma ke do ladke hai na jaane in do bahiyo ko kon lada raha h is par vichar karna chahiye RAM ne bagwan hoke vanwas main jana pasand kiya tha kyoki wo bhi hamre bech main manwata ka paat padane Aaye aur chale gaye aur na hi khuda ne kabhi insan se yes kaha ki mazahab ke naam par ladna fir is desh ko kiski nazar lag gae is baat par vichar karna chahiye aur desh ki sabse badi samsaya ka samdhan karna hi padega kyoki jab bam fatta hai to hamre kitne hi nirdosh log jinko kisi se koe matlab nahi wo marte h dharm kabhi bhi kisi insan ko Aantakwad ki prerana nahi deta hai kyoki dharm to insaan ko sirf sahi rasto ka parichye karwata h aur insanyat to wahi hai jo shuk dhuk main EK dusre ke kaam Aa jaye wahi insan hai aur wahi bagwan hai..

  2. ASHOK SHARMA says:

    देश के दुश्मनों का दुस्सह श देखो

  3. Ashok Sharma says:

    desh ke dushmano ka dussha hash.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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