/मोदी से दोस्ती करने पर इंडियन मुजाहिदीन ने मुकेश अम्बानी को धमकाया…

मोदी से दोस्ती करने पर इंडियन मुजाहिदीन ने मुकेश अम्बानी को धमकाया…

आतंकी गुट इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) ने अब कार्पोरेट जगत को अपने आतंक निशाना बनाना शुरू कर दिया है. संगठन ने देश के प्रमुख उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को एक धमकी भरा खत भेजा है. खत में अंबानी को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दे रहे अपने mukesh_modiसमर्थन से पीछे हटने की बात लिखी गई है. खत में कहा गया है कि अगर अंबानी ऐसा नहीं करते हैं तो संगठन उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों उद्योगपति मुकेश अंबानी को एक खत मिला है जिसमें उन्हें गुजरात में अधिक निवेश करने से रोका गया है. बताया जाता है कि रविवार को अंबानी के नरीमन प्वाइंट स्थित मेकर चेंबर्स के ऑफिस में बंद लिफाफे में एक खत पहुंचा. हालांकि अब तक यह पता नहीं लग पाया है कि आखिर कैसे एक अंजान व्यक्ति ने यह खत वहां पहुंचाया है.

रिलायंस के उपाध्यक्ष एसपी नंदा ने बताया कि खत भेजने वाले ने खत में अंबानी को धमकियां दी है और लिखा है कि उन्होंने गुजरात में मोदी का साथ देकर वहां के अल्पसंख्यक संप्रदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. इसलिए उन्हें इसकी सजा मिलेगी. मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज को बार बार देखा जा रहा है ताकि खत डिलिवर करने वाले का चेहरा सामने आ सके.

पुलिस ने प्राथमिक जांच में पता लगाया है कि खत के उपर दनिश लिखा हुआ है. यह कहीं बिहार का रहने वाला वहीं दनिश अंसारी तो नहीं है जिसे साल जनवरी में कुछ आतंकियों को पनाह देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने बताया कि इतनी जल्दी कुछ भी कहना ठिक नहीं होगा.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.