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नकल के शक में छात्रा के क्लास में उतरवा दिए कपड़े

By   /  March 19, 2013  /  4 Comments

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 राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सोमवार को आयोजित दसवीं की गणित की परीक्षा के दौरान राजकीय माध्यमिक विद्यालय, झालामंड परीक्षा केंद्र पर उडऩदस्ते ने नकल के संदेह में एक छात्रा के पूरे कपड़े उतरवा कर जांच की जिससे उसे इतना सदमा पहुंचा कि वह बेहोश हो गई और परीक्षा भी नहीं दे सकी। हालांकि फ्लाइंग के सदस्यों को कुछ नहीं मिला।

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जानकारी के अनुसार रामावि, झालामंड में रामावि, मेहलों की ढाणी के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र है। इस स्कूल की एक छात्रा सुबह गणित का पेपर दे रही थी कि संभागीय उडऩदस्ता वहां पहुंचा और छात्रा की कमरे में मौजूद छात्रों के सामने ही आपत्तिजनक तरीके से जांच शुरू कर दी।

इस पर स्कूल के हैडमास्टर व केंद्राधीक्षक हरिसिंह व अन्य स्टाफ ने आपत्ति जताई। स्कूल स्टाफ के आपत्ति जताने पर फ्लाइंग की सदस्याओं ने बोर्ड अध्यक्ष से उनकी शिकायत कर दी।

जब स्टाफ ने छात्रों के सामने जांच पर आपत्ति जताई, तो वे उसे कंट्रोल रूम में ले गए। वहां छात्रा के सभी कपड़े उतरवाए। इससे छात्रा सदमे से बेहोश हो गई।

परीक्षा केंद्र पर नियुक्त शिक्षिकाओं ने उसके मुंह पर पानी डाला तो

छात्रा होश में आई, लेकिन इस घटना से वह इतनी क्षुब्ध हो गई कि परीक्षा ही नहीं दे सकी। इस मामले में डीईओ (माध्यमिक) का कहना है कि प्रकरण की जांच करवाई जाएगी।

(भास्कर)

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

4 Comments

  1. yese logo ko fansi de deni chahiye

  2. nakal udandataste ko maryada mai raha kar checking karni chahiye taki kisi ko tesh na pahuche.

  3. uadan dsta koa sabak seakhana pdya ga sakat sea sakt krwaeya kiya jay.

  4. Sant P. Singh says:

    samvedan shunya udandaste ke sare sadasyo ko kadi se kadi saja dekar Gehlot Sarkar is kalank ko dhoye

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