/सीएमओ और पत्रकारों को बंधक बनाया फिर भी खबर में निजी पैथोलॉजी लैब का नाम नहीं..

सीएमओ और पत्रकारों को बंधक बनाया फिर भी खबर में निजी पैथोलॉजी लैब का नाम नहीं..

अयोध्या प्रसाद ‘भारती’||

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। एक निजी पैथोलॉजी सेंटर वालों ने अल्ट्रासाउंड मशीन की रुटीन जांच को आये मुख्यचिकित्साधिकारी और उनके अधिनस्थों के साथ बदसुलूकी की। मामले की खबर कवर करने गये पत्रकारों और प्रेस फोटोग्राफरों सहित सीएमओ को पैथोलॉजी सेंटर वालों ने बंधक बना लिया। इसकी खबर दैनिक अमर उजाला में छपी लेकिन पैथोलॉजी सेंटर का नाम नहीं छपा। Amar Ujala Kashipur-page-001

सीएमओ और पत्रकारों से अभद्रता
काशीपुर। एक पैथोलॉजी सेंटर में अल्ट्रासाउंड मशीन की रुटीन जांच करने पहुंचे सीएमओ और उनकी टीम के साथ चिकित्सकों ने अभद्रता कर धक्का मुक्की की। इसी दौरान खबर लेने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी अभद्रता की गई। पत्रकारों ने मामले की तहरीर सौंप दी है। डीजी (हेल्थ) डा. वाईसी शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
शनिवार देर शाम सीएमओ डा. राकेश सिन्हा, वीर सिंह और नगर निगम काशीपुर के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. टीके शर्मा के साथ रामनगर मार्ग पर चीमा चौराहा के निकट स्थित एक पैथोलॉजी लैब पहुंचे। पत्रकार और फोटोग्राफर भी वहां पहुंच गए। लैब स्वामी के गाजियाबाद होने से सीएमओ ने उनसे मोबाइल पर बात की तो डॉक्टर ने लौटने पर जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही। इसी दौरान डॉक्टरों की यूनियन से जुड़ा एक चिकित्सक सीएमओ से उलझ गया। कुछ अन्य ने भी सीएमओ और उनकी टीम से अभद्रता की। प्रेस फोटोग्राफरों के साथ भी अभद्रता कर कैमरे छीन लिए। कुछ लोगों ने अस्पताल का शटर गिराकर सीएमओ, उनकी टीम और पत्रकारों को बंधक बना दिया। अन्य पत्रकारों के पहुंचने पर सभी को छोड़ दिया गया। सीएमओ ने कहा कि सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और अभद्रता करने के लिए डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा नोटिस दिया जाएगा। पत्रकारों ने कोतवाली पहुंच मामले में दो चिकित्सकों के खिलाफ तहरीर सौंपी है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.