/बेबस मां के सामने बेटी से गैंगरेप..

बेबस मां के सामने बेटी से गैंगरेप..

मां के सामने विवाहिता बेटी को जबरिया जंगल में ले जाकर गैंगरेप किया गया। शिकायत के बाद तीन दिन तक पुलिस पीड़िता के परिवार वालों को टरकाती रही। लोगों का दबाव बढ़ने पर शनिवार को पुलिस ने तहरीर तो ले ली मगर मुकदमा दर्ज नहीं किया है।gangrape

गैंगरेप की शिकार विवाहिता के मुताबिक 22 अप्रैल शाम कुछ लोग जबरन उसके घर में घुस आए और मां से शराब की मांग करने लगे। फटकार कर भगाने के बाद उस समय तो वे चले तो गए, लेकिन थोड़ी देर में लौट आए। इस बार सब नशे में थे और उनके पास कुल्हाड़ी व तीर-धनुष भी थे। वे उसे (विवाहिता बेटी) जबरन उठा ले गए। मां भी पीछे-पीछे गई।

थोड़ी दूर पइहरवा के जंगल से लगे एक नाले के किनारे चार लोगों ने उसके साथ रेप किया और फरार हो गए। इस दौरान मां-बेटी चिल्लाती रहीं लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। ओबरा थाने जाने पर पुलिस ने उन्हें भगा दिया।

अंतत: शनिवार सुबह कुछ लोगों के दबाव में थाने में तहरीर ली गई।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.