Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

रिश्वत मामले मे भांजे से पल्ला झाड़ा बंसल ने..

By   /  May 4, 2013  /  3 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

रेल मंत्री पीके बंसल ने रेलवे बोर्ड में कथित तौर पर एक शीर्ष ओहदा दिलाने के लिए रिश्वत लेने के मामले में अपने भांजे से कोई व्यावसायिक संबंध नहीं होने की बात कही.pawan bansal

रेल मंत्री पीके बंसल ने रेलवे बोर्ड में कथित तौर पर एक शीर्ष ओहदा दिलाने के लिए रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई द्वारा बीती रात गिरफ्तार किए गए अपने भांजे से दूरी बनाते हुए आज कहा कि उसके साथ उनके कोई व्यावसायिक संबंध नहीं हैं और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है.
पिछले साल अक्तूबर में रेल मंत्री बने 64 वर्षीय बंसल ने एक बयान में दावा किया कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में हमेशा ईमानदारी के उच्चतम मानकों का पालन किया है और कोई भी उनके फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकता.
उन्होंने मामले में त्वरित सीबीआई जांच की मांग की.
बंसल ने बयान में कहा, ‘‘चंडीगढ़ में मेरी बहन की कंपनी पर सीबीआई छापे से जुड़ी कल की घटना के संदंर्भ में मैं कहना चाहता हूं कि मामले के बारे में मेरे पास कोई जानकारी या सबूत नहीं है. कोई करीबी रिश्तेदार, वह या मेरा कोई अन्य रिश्तेदार मेरे आधिकारिक कामकाज में दखल नहीं देता और न ही दे सकता और न ही मेरे फैसलों को प्रभावित कर सकता है. उसके और मेरे परिवार के बीच कोई व्यावसायिक संबंध भी नहीं हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सार्वजनिक जीवन में हमेशा ईमानदारी के उच्चतम मानकों का पालन किया है और मैं मामले में सीबीआई द्वारा त्वरित जांच किए जाने की उम्मीद करता हूं.’’
बंसल के भांजे वी. सिंगला को सीबीआई ने कल गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने रेलवे बोर्ड में शीर्ष स्तर का ओहदा दिलाने के लिए 90 लाख रूपये की कथित रिश्वत के मामले में रेलवे बोर्ड के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया है.
सिंगला को हाल में मेम्बर :स्टाफ: के रूप में पदोन्नत हुए और मेम्बर :इलेक्ट्रिकल: जैसा लाभप्रद ओहदा हासिल करने की कोशिश कर रहे महेश कुमार के वाहक मंजूनाथ से कथित तौर पर 90 लाख रूपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था.
सीबीआई की एक टीम ने कुमार को विमान से दिल्ली से मुम्बई पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया. एजेंसी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया है.
केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में संदीप गोयल को भी गिरफ्तार किया है जो कथित तौर पर दलाली में सहायता करता था.
कुमार पश्चिमी रेलवे के महाप्रबंधक थे और गत दिनों उन्हें रेलवे बोर्ड के सदस्य के रूप में पदोन्नत किया गया था. यह पद भारत सरकार में सचिव के पद के बराबर होता है.
रेल मंत्री ने हालांकि, इस मामले में अब तक किसी विभागीय जांच का आदेश नहीं दिया है.
सरकार ने हाल में सुबोध जैन को रेलवे बोर्ड में सदस्य इंजीनियरिंग, महेश कुमार को सदस्य कार्मिक और अरूणेन्द्र कुमार को सदस्य यांत्रिक नियुक्त किया था. बोर्ड में सदस्य यातायात का पद अभी भरा जाना हे.
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और रेलवे बोर्ड में वित्तायुक्त अगले महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं और समूचे रेलवे बोर्ड में नए चेहरों के दिखाई देने की उम्मीद है.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. Ashok Gupta says:

    bhanje ne mama ki bansi bjedi

  2. mahendra gupta says:

    मामा चलाये रेल,भांजा खेले खेल,देखो भाई यह हमारी रेल.रेल की आर्थिक स्तिथिति सुधरने के लिए सब का सहयोग जरूरी है.इसलिए कुछ बुरा नहीं.भांजे की कोई औकात हर बिना भी दो करोड़ रेलवे बोर्ड का सदस्य ने दे दिए,अचरज ही है.सरकार को शीग्र ही चंडीगढ़ से मुंबई वाया दिल्ली,बेन्ग्लेरू खिलाडियों के लिए एक आरक्षित ट्रेन चलानी चाहिए,ताकि आगे से ऐसी शिकायते न आयें. सीबीआई तो मुहं छिपाने के लिए कर रही है,उसके चीफ पहले ही अपनी मजबूरी जता चुके हैं,रेलमंत्री दोषी नहीं,पार्टी व सरकार दोनों कह ही चुके हैं,आज तक किसी भी नेता ने आरोप लगने के बाद अपने आप को दोषी मान इस्तीफा दे दिया और राजनीती से अलग रहा हो ऐसी मिसक शास्त्री के अलावा ढूंढने का प्रयास करें.अब तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी थाराए जाने के बाद भी वे खुद को निर्दोष मानते हैं.वैसे भी कांग्रेस पार्टी जैसी स्वच्छ साफ़ पार्टी में कोई ऐसा कैसे हो सकता है.यह सरकारी दामाद व भांजे जबरन ही विवादों में फंसा देते हैं.खॆर सीबीआई भी अपनी ही है,कानून मंत्री से कह कर रिपोर्ट मंगवा कर देख लिया जायेगा.

  3. मामा चलाये रेल,भांजा खेले खेल,देखो भाई यह हमारी रेल.रेल की आर्थिक स्तिथिति सुधरने के लिए सब का सहयोग जरूरी है.इसलिए कुछ बुरा नहीं.भांजे की कोई औकात हर बिना भी दो करोड़ रेलवे बोर्ड का सदस्य ने दे दिए,अचरज ही है.सरकार को शीग्र ही चंडीगढ़ से मुंबई वाया दिल्ली,बेन्ग्लेरू खिलाडियों के लिए एक आरक्षित ट्रेन चलानी चाहिए,ताकि आगे से ऐसी शिकायते न आयें. सीबीआई तो मुहं छिपाने के लिए कर रही है,उसके चीफ पहले ही अपनी मजबूरी जता चुके हैं,रेलमंत्री दोषी नहीं,पार्टी व सरकार दोनों कह ही चुके हैं,आज तक किसी भी नेता ने आरोप लगने के बाद अपने आप को दोषी मान इस्तीफा दे दिया और राजनीती से अलग रहा हो ऐसी मिसक शास्त्री के अलावा ढूंढने का प्रयास करें.अब तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी थाराए जाने के बाद भी वे खुद को निर्दोष मानते हैं.वैसे भी कांग्रेस पार्टी जैसी स्वच्छ साफ़ पार्टी में कोई ऐसा कैसे हो सकता है.यह सरकारी दामाद व भांजे जबरन ही विवादों में फंसा देते हैं.खॆर सीबीआई भी अपनी ही है,कानून मंत्री से कह कर रिपोर्ट मंगवा कर देख लिया जायेगा.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पाकिस्‍तान ने नहीं किया लेकिन भाजपा ने कर दिखाया..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: