Loading...
You are here:  Home  >  खेल  >  Current Article

अस्मत मांगी जाती है पाक महिला क्रिकेटरों से…

By   /  June 11, 2013  /  1 Comment

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

प्रतिष्ठित अख़बार ‘अमर उजाला’ ने एजेंसी के हवाले से खबर दी है कि पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम में शामिल होने के लिए महिला क्रिकेटरों से उनकी “अस्मत’ मांगी जाती थी. जिसके चलते कई महिला  क्रिकेटरों को क्रिकेट से अलविदा कहना पड़ा. इस खबर ने वर्तमान पाक महिला क्रिकेट की शीर्ष टीम पर भी सवालिया निशाँ खड़े कर दिए हैं. 

 

पाकिस्तान की घरेलू महिला क्रिकेट टीम की पांच खिलाड़ियों ने कोच और कुछ अधिकारियों पर चयन और प्रमोशन के लिए यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है।pak women cricket team1

मुल्तान क्षेत्र की पांच खिलाड़ियों हीना गफूर, किरन खान, सीमा जावेद, फातिमा और मलीहा शफीक ने कोच और अन्य अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिसके बाद पीसीबी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।

इन खिलाड़ियों का आरोप है कि एमसीसी अध्यक्ष बेगम शमी सुल्तान और क्लब के अन्य अधिकारी मुख्य दोषी हैं और वे खिलाड़ियों से पैसों की भी मांग करते हैं।

पीड़ित क्रिकेटर किरन ने कहा, ‘घरेलू क्रिकेट में मेरा प्रदर्शन शानदार था और मुझे राष्ट्रीय टीम में चयन का पूरा भरोसा था। लेकिन मुझसे इस तरह की शर्मनाक डिमांड की गई, जिसके बाद मैंने खेल छोड़ने का फैसला किया।’

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. harami sale har jagah hai.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

फुटबॉल में बहुत उज्ज्वल दिखता है भारत का भविष्य..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: