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आडवाणी ने इस्तीफा वापस लिया

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आपने  घर मंगलवार शाम भाजपा के नेताओं  के साथ हुई बातचीत के बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया हैं. एक घंटे तक चली बातचीत के बाद पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अन्य नेताओं की मौजूदगी में संवाददाता सम्मलेन में आडवाणी के औपचारिक रूप से इस्तीफा वापस लेने का एलान कर दिया.adwani

आडवाणी के घर पर हुई इस प्रेस कांफ्रेंस में खास बात यह रही कि इस एलान के दौरान आडवाणी मौजूद नहीं थे. उनकी गैरमौजूदगी पर उठे सवाल पर राजनाथ ने कहा कि खुद उन्होंने आडवाणी को प्रेस कांफ्रेंस में नहीं बुलाया, उन्हें बुलाया जाना सामान्य शिष्टाचार के खिलाफ होता. फिलहाल यह खुलासा नहीं किया गया कि आडवाणी ने इस्तीफा वापस लेने का फैसला किन शर्तों पर किया. इस सारे घटनाक्रम में कौन जीता और  कौन हारा.

सूत्रों के मुताबिक आडवाणी ने तीन शर्ते रखीं है जिनमें प्रधानमंत्री उम्मीदवार पर फैसला अभी नहीं हो, पार्टी में संघ की भूमिका पर फिर  से विचार हो तथा अन्य सभी मसलों पर संसदीय बोर्ड में विचार होगा. राजनाथ ने प्रेसकांफ्रेंस में माना कि  आडवाणी की शिकायत पर मैं खुद गौर करूंगा. उनके उठाए मुद्दों पर विचार होगा.

 

राजनाथ सिंह ने नरेन्द्र मोदी के प्रचार समिति अध्यक्ष के पद पर बने रहने के सवाल पर  कहा कि भाजपा में निर्णय वापस नहीं लिए जाते. उन्होंने आडवाणी के इस्तीफे को लेकर पूछे सवाल में कहा कि उनका इस्तीफा मंजूर ही नहीं किया गया  है, फिर भाजपा के भविष्य को लेकर चिंता की बात नहीं है. बताया जा रहा है कि आडवाणी को नरेन्द्र मोदी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख  बनाए जाने पर आपत्ति नहीं है.

इससे पहले आडवाणी को मनाने के लिए मंगलवार को भी दिन भर भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं का उनके घर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा.  आडवाणी से जिन नेताओं ने मुलाकात की,उनमें सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद, जसवंत सिंह, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी,एस, गुरूमूर्ति और मुरलीधर राव शामिल थे.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर भी आडवाणी से मुलाकात करेंगे. संघ के वरिष्ठ नेता भैयाजी  जोशी भी आडवाणी को मनाने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं. संघ प्रमुख मोहन भागवत 18 जून को आडवाणी से मुलाकात करेंगे.

जसवंत सिंह ने आडवाणी से मुलाकात के बाद कहा कि आडवाणी ने जो प्रश्न उठाए हैं वे मौलिक हैं. पार्टी को उन प्रश्नों का जल्द हल समाधान  खोजना होगा. यह पार्टी के साथ साथ राष्ट्रहित में है. हम सभी आडवाणी की चिंता से चिंतित हैं. उम्मीद है कि आडवाणी मान जाएंगे.

राजस्थान के बांसवाड़ा में महाराणा प्रताप की मूर्ति के अनावरण के लिए रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने पत्रकारों से बातचीत की. राजनाथ ने कहा  कि आडवाणी के मामले में संघ ने कोई बयान नहीं दिया है. उनकी संघ के वरिष्ठ नेताओं से बात हुई है. संघ को इस मामले में दोषी न बताया जाए.  भाजपा नेता प्रकाश जावडेकर ने भी कहा है कि इस मामले में संघ को नहीं घसीटा जाए.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.