Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  Current Article

किरण बेदी ने किया अपलोड अन्ना का वीडियो: लाईव इंडिया ने ‘एक्सक्लूसिव’ बताया

By   /  August 18, 2011  /  1 Comment

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

टीवी चैनल्स दर्शकों को मूर्ख समझते हैं और इस चक्कर में खुद हंसी के पात्र ही नहीं बनते बल्कि अपनी विश्वसनीयता भी खो देते हैं।

लाइव इंडिया पर एक्सक्लूसिव?

ऐसा ही हुआ अन्ना हजारे के मामले में जब सिविल सोसायटी की सदस्य किरण बेदी ने तिहाड़ जेल से एक वीडियो अपलोड किया। किरण बेदी ने अन्ना का अपने कैमरे से साक्षात्कार कर यूट्यूब पर अपलोड किया जिसे लाइव इंडिया  ने अपना एक्सक्लूसिव बता कर टेलीकास्ट कर दिया। गौरतलब है कि यह चैनल पहली बार भी तब ही चर्चा में आया था जब इस पर एक टीचर का फर्ज़ी स्टिंग ऑपरेशन दिखाया गया था। उस वक्त यह मामला अदालत में तब पहुंचा था जब एक दूसरे चैनल ने इस मीडिया हाउस पर अपने यहां की गई शूटिंग को चुराने का आरोप लगाया था। बाद में साबित हुआ था कि स्टिंग ऑपरेशन में शामिल पात्र नकली थे।

 

 

देखिये किरण बेदी द्वारा रिकार्डेड विडियो जो कि बेदी ने यूट्यूब पर अपलोड किया था.

इस विडियो के टेलीकास्ट होने के बाद भी किरण बेदी तिहाड़ जेल गयीं और दुबारा अन्ना कि रेकॉर्डिंग कर के लायीं तथा ये वीडियो भी यूट्यूब पर अपलोड किया..

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. Lalit Mohan says:

    ये लाइव इंडिया वाले पुराने चोर हैं.. सैकड़ों स्टिंगरों का पैसा खा गए हैं.. मांगने जाओ तो कानून पढ़ाते हैं.. जो कट दे देते हैं उनको कोई परेशानी नहीं आती.. मैं जल्दी ही आपको ई मेल पर इन लोगों के बारे में खबर भेजूंगा.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

अकबर के खिलाफ आरोप गोल करने वाले हिन्दी अखबारों ने उनका जवाब प्रमुखता से छापा, पर आरोप नहीं बताए

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: