Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  Current Article

ना तो पुलिस में हिम्मत है, ना मीडिया में.. बात मंत्री-पुत्र की जो ठहरी..?

By   /  August 20, 2011  /  2 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

देर से मिली यह खबर चेन्नई स्थित मद्रास जिमखाना क्लब की है। लेकिन यह ख़बर है भी और नहीं भी। ‘है’ इसलिए कि वहां के बच्चे-बच्चे को यह बात पता है.. और ‘नहीं’ इसलिए कि न कोई पुलिस रिपोर्ट है और न ही कोई आधिकारिक बयान… लेकिन यक़ीन मानिए यह ‘अफवाह’ बिल्कुल नहीं है।

जिमखाना क्लब: सबको पता है जी

बात जुलाई के आखिरी हफ्ते की है। केन्द्र सरकार के एक कद्दावर मंत्री के पुत्र महोदय क्लब के लाइब्रेरी में एक पेज-3 महिला के साथ ‘ आपत्तिजनक मुद्रा’ में पकड़े गए। बात गंभीर थी और 1884 में स्थापित इस क्लब की बरसों पुरानी प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी, सो प्रबंधकों ने पुलिस बुला लिया। पुलिस आई भी, लेकिन जब उन्हें आरोपी की हैसियत का पता चला तो उनके पसीने छूट गए। उन पुलिस वालों ने अपने बॉस से बात की और बॉस ने अपने बॉस से.. लेकिन जो ‘ जवाबी मैसेज’ आया उसके बाद सबने ऐसा किया मानों उन्हें ‘ बापू के तीन बंदर’ याद आ गए। ना किसी ने कुछ देखा ना कुछ सुना और ना कुछ कहा..

रिपोर्ट दर्ज़ करना तो दूर, उल्टे पुलिस वाले प्रबंधकों को ही हड़काने लगे। कहने लगे, ” जब दोनों वयस्क हैं तो इसमें कोई मामला बन ही नहीं सकता। फिर किसी ने कोई जबर्दस्ती तो की नहीं है।” पुलिस वालों को कहा गया कि यह न सिर्फ सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता का मामला है बल्कि क्लब के नियमों के भी विरुद्ध है, तो उनका जवाब था कि यह उनके नहीं क्लब के अधिकार क्षेत्र में है कि वे क्या कार्रवाई करें।

प्रबंधक भी चुप बैठने वाले नहीं थे। उन्होंने मीडिया को अपनी पीड़ा बताने की कोशिश की। रिपोर्टरों ने तो खूब मज़े ले-लेकर रिपोर्ट फाइल की , लेकिन उन्हें भी आश्चर्य हुआ जब किसी अख़बार में सिंगल कॉलम खबर भी नहीं चस्पा हुई। तहक़ीकात हुई तो पता चला कि मंत्री-पुत्र महोदय 5 हजार करोड़ के मालिक हैं और उन्होंने कई मीडिया घरानों में ‘ भारी निवेश’ किया हुआ है। फिर कोई खुल कर बयान देने को सामने आने को भी तैयार नहीं है, इसलिए हम भी उनका नाम नहीं छाप सकते। लेकिन एक सवाल खबर देने वाले के भी ज़ेहन में बार-बार उठ रहा था कि इतने बड़े मंत्री के इतने ऊंचे कद वाले पुत्र ने कोई ‘ हरकत’ करने के लिए किसी होटल या फार्म हाउस की बजाय क्लब की लाइब्रेरी को किस बेकरारी में चुन लिया?

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. kulwant mittal says:

    इतनी बड़ी बात होने के बाद भी मीडिया खामोश …..?????
    आश्चर्य की बात है , मेरे मीडिया जगत के साथियों – यदि पुलिस ने अपनी आँख , कान , जबान , बंद कर रखी है तो आपकी कलम को तो किसी ने नहीं रोका है ….????
    या उसे भी गाँधी मार्का नोटों ने खरीद लिया है…???? लगता है देश का चौथा स्तंभ भी गिरने के कगार पे पहुँच गया है..

  2. Lalit Mohan says:

    हैरानी तो इस बात की है कि इतने के बाद भी ये मीडिया वाले अपने आप को पत्रकार कहते हैं.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

ये इमरजेन्सी नहीं, लोकतंत्र का मित्र बनकर लोकतंत्र की हत्या का खेल है..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: