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मिड डे मील लील गया 20 बच्चों की जान..

By   /  July 17, 2013  /  No Comments

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बिहार के छपरा में एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील खाने के बाद 20 बच्चों सहित 21 लोगों की मौत हो गई है. एक महिला की भी मौत हुई है जो स्कूल में मिड डे मील बनाती थी. जबकि करीब 50 बच्चे अब भी बीमार हैं. इनमें से कई की हालत गंभीर है.middaymeal

दरअसल स्कूल में मिड डे मील खाने के बाद एकाएक बच्चे बीमार पड़ने लगे. आनन-फानन में इसकी सूचना प्रशासन को दी गई. प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. जबकि डॉक्टरों की कई टीमों बच्चों के इलाज में लगी है. अभी भी करीब 50 बच्चों का इलाज चल रहा है, जिसमें से कईय़ों की हालत गंभीर बताई जा रही है. पहले बीमार छात्रों को मसरख स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में उन्हें छपरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

वहीं बिहार सरकार ने जांच के आदेश के साथ ही मरने वाले छात्रों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. गौरतलब है कि मिड डे मील केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजाना है जिसे राज्य सरकारें लागू करती है. यह योजना देश के 13 लाख सरकारी स्कूलों में लागू है और 12 करोड़ बच्चों पर लागू होता है.

mid-day-mealघटना मशरक ब्लॉक के जजौली प्राइमरी स्कूल की है. जानकारी के अनुसार, स्कूल में खाना खाने के कुछ देर बाद से कई बच्चे उल्टी करने लगे. जब बच्चों की स्थिति बिगड़ने लगी तो उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया. यहां दो बच्चों की मौत और अन्य की हालत बिगड़ती देख सभी को छपरा सदर अस्पताल भेज दिया गया. बच्चों का इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि पीड़ित बच्चों में जो लक्षण दिख रहे हैं, उससे लगता है कि कीटनाशक मिले भोजन से बच्चों की मौत हुई है.

बिहार के मानव संसाधन मंत्री पी.के. शाही ने घटना स्थल का दौरा करने के बाद 20 बच्चों के मारे जाने की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि खाने में कोई जहरीला पदार्थ था, लेकिन खाने में वो कैसे मिला इसकी जांच चल रही है. डीएम अभिजीत सिन्हा ने बताया कि पकाए गए भोजन को सीज कर लिया गया है. इसकी जांच के लिए पटना से टीम भेजी गई है.

मंगलवार की रात गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया. लोगों को समझाने गई पुलिस पर भी बोतलें फेंकी गईं. पीड़ित बच्चों के परिवार वालों का कहना था कि प्रशासन कुछ देर पहले सचेत हुई होती तो और बच्चों को बचाया जा सकता था. जिस वक्त मशरक में बच्चे जीवन व मौत से जूझ रहे थे उस वक्त अगर डॉक्टरों की टीम छपरा से मशरक पहुंच गई होती तो इतने बच्चों की जान नहीं जाती.mid day meal1

इस घटना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी के निशाने पर हैं. बीजेपी नेता गिराराज सिंह ने नीतीश कुमार से इस मामले में इस्तीफा मांगा है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा कि इसके लिए पूरी तरह से नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं. इस सरकार की वजह से ही मिड डे मील में सड़े-गले अनाज और सब्जियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

इस बीच बीजेपी और आरजेडी ने बुधवार को छपरा बंद का आह्वान किया है. पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी बुधवार को स्कूल का मुआयना करेंगे और बीमार बच्चों से मिलेंगे. आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद के अनुसार उनकी पार्टी ने अपने स्तर से भी छपरा बंद किया है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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