Loading...
You are here:  Home  >  खेल  >  Current Article

बीसीसीआई ने दी राज कुंद्रा और मयप्पन को क्लीन चिट..

By   /  July 28, 2013  /  3 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दो-सदस्यीय जांच पैनल ने बीसीसीआई को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. बीसीसीआई के उपाध्यक्ष निरंजन शाह ने कहा कि राज कुंद्रा, राजस्थान रॉयल्स और इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाए गए हैं.

raj_kundra--621x414

इस रिपोर्ट को अब आईपीएल की संचालन परिषद को सौंपी जाएगी, जो 2 अगस्त को अंतिम फैसला करेगी.

सूत्रों के मुताबिक बीसीसीआई कार्यसमिति ने एन श्रीनिवासन को बोर्ड अध्यक्ष के पद पर दोबारा आसीन करने के पक्ष में भी वोट दिया है. श्रीनिवासन ने पहले ही कहा था कि जांच कमेटी की रिपोर्ट अंतिम और मान्य होगी, इसलिए अब उनके अपने पद पर लौटने का रास्ता भी साफ दिख रहा है. सूत्र यह भी बता रहे हैं कि श्रीनिवासन 2 अगस्त को होने वाली मीटिंग में हिस्सा ले सकते हैं.

राज कुंद्रा के कथित दोस्त उमेश गोयनका द्वारा कुंद्रा पर सट्टेबाजी के आरोप लगाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उनसे लंबी पूछताछ की थी.

राज कुंद्रा को सभी आरोपों से मुक्त किए जाने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी पत्नी और राजस्थान रॉयल्स की सह-मालकिन अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने ट्वीट किया, ईश्वर है… सच्चाई की जीत हुई. मई में गुरुनाथ मयप्पन को विंदू दारा सिंह से पूछताछ के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था. विंदू दारा सिंह ने पुलिस को बताया था कि मयप्पन ने सट्टेबाजी में एक करोड़ रुपये गंवाए थे.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. यही तो होना था,पहले ही पता था.सब दूध के धुले हैं,सोच तो जनता की दूषित है, जो इन समाज सेवकों को अनावश्यक बदनाम करती है.कुछ सवरती तत्व भी इन से जुड़ जाते हैं.बिलकुल खरे सौ टंच सोने की तरह,जो आग से निकल कर उसी प्रकार चमकेंगे जैसे पहले थे.यदि किसी को संदेह हो तो दिग्गीजी को ले जा कर पहचान करा ले. धन्य मेरा देश,

  2. mahendra gupta says:

    यही तो होना था,पहले ही पता था.सब दूध के धुले हैं,सोच तो जनता की दूषित है, जो इन समाज सेवकों को अनावश्यक बदनाम करती है.कुछ सवरती तत्व भी इन से जुड़ जाते हैं.धन्य मेरा देश,

  3. यही तो होना था,पहले ही पता था.सब दूध के धुले हैं,सोच तो जनता की दूषित है, जो इन समाज सेवकों को अनावश्यक बदनाम करती है.कुछ सवरती तत्व भी इन से जुड़ जाते हैं.धन्य मेरा देश,

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

फुटबॉल में बहुत उज्ज्वल दिखता है भारत का भविष्य..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: