Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

भाजपा ने फिर उठाया राम मंदिर का मुद्दा…

By   /  July 28, 2013  /  2 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा है कि यदि वर्ष 2014 के आम चुनाव में पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला, तो जिस तरह डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समय में संविधान में संशोधन कर सोमनाथ मंदिर का निर्माण कराया गया था, उसी तरह भाजपा भी राम मंदिर बनवाएगी.

वाजपेयी ने साफतौर पर कहा कि गठबंधन धर्म की मजबूरियों और पूर्ण बहुमत न मिलने की वजह से ही आज तक राम मंदिर नहीं बन पाया. वाजपेयी ने ये बातें एक एजेंसी को दिए गए विशेष साक्षात्कार के दौरान कहीं. इस बातचीत के दौरान वाजपेयी ने कई मुद्दों पर अपने विचार रखे.laxmikant-bajpai_0

उन्होंने कहा कि राम मंदिर आस्था का विषय है. मंदिर आंदोलन की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद ने की थी. बाद में पार्टी द्वारा यह नारा भी दिया गया कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. मंदिर वहां तभी स्थापित होता जब वहां का स्थान खाली होता. हिंदू समाज की वजह से ही वह स्थान खाली हो पाया है.

राष्ट्रवाद के मुद्दे पर वाजपेयी ने कहा कि हिंदुत्व ही राष्ट्रवाद है, राष्ट्रवाद ही हिंदुत्व है. भारत माता के दुख में दुखी और सुख में सुखी होने वाला हर पंथ और धर्म का व्यक्ति राष्ट्रवादी हो सकता है. वाजपेयी से यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि वह भी हिंदू हैं और रोज मंदिर जाते हैं, इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा व्यक्ति जो हिंदुओं से जुडे़ सांस्कृतिक केंद्रों पर जाता हो, लेकिन अपने आचार, विचार और व्यवहार में उसे लागू न करता हो वह व्यक्ति हिंदू नहीं हो सकता.

उन्होंने बड़े ही तीखे अंदाज में कहा कि बटला हाउस मुठभेड़ के आरोपियों के घर जाकर छाती पीटकर प्रलाप करने वाला व्यक्ति हिंदू कतई नहीं हो सकता है. आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर वाजपेयी ने कहा कि चुनाव सुशासन, विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर ही लड़ा जाएगा. इसके अलावा महंगाई, भ्रष्टाचार एवं आंतरिक तथा बाह्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी प्रमुख मुद्दा बनेगा.

सूबे की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए वाजपेयी ने कहा कि मुस्लिम तुष्टीकरण की पराकाष्ठा और हर योजनाओं में लाभ पहले मुस्लिमों को दिया जा रहा है. यह मुद्दा भी चुनाव के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा. इसके अलावा सूबे में गिरती कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी अहम भूमिका निभाएगा.

आरक्षण मुद्दे पर वाजपेयी ने कहा कि सरकार को पहले वाली व्यवस्था लागू करनी चाहिए. पार्टी त्रिस्तरीय आरक्षण व्यवस्था का सख्त विरोध करेगी. पहले आरक्षण केवल साक्षात्कार में दिया जाता था, लेकिन नियम में परिवर्तन कर इसे त्रिस्तरीय बना दिया गया है, जो कि गलत है.

वाजपेयी से यह पूछे जाने पर कि बसपा की मुखिया मायावती ने कुछ दिनों पहले ही सार्वजनिक मंच से बजरंग दल जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, इस पर उन्होंने कहा कि मायावती जिस थाली में खाती हैं, उसी में छेद करती हैं. उनको तो शर्म आनी चाहिए. मायावती में दम है तो केंद्र सरकार से कहकर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगवा दें या फिर केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लें.

अगले आम चुनाव में पार्टी कितनी सीटें जीत सकती हैं? इस सवाल पर वाजपेयी ने कहा कि अभी आगे-आगे देखते जाइए. अभी तक तो जो सर्वे रिपोर्ट आ रही हैं उनमें हम अन्य पार्टियों से काफी आगे हैं. हम आपसे यह दावे के साथ कह सकते हैं, यह स्थिति अभी पार्टी के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी के यहां न पहुंचने से पहले की है. जिस दिन मोदी की सभाएं उप्र में होना शुरू हो जाएंगी उस दिन से विपक्षियों की नींद हराम हो जाएगी. पार्टी 50 से अधिक सीटों पर अपना परचम लहरा सकती है.

पार्टी के भीतर गुटबाजी के बारे में पूछे जाने पर वाजपेयी ने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसी स्थिति नहीं है. गुटबाजी होती तो हम नगर निगम चुनावों में बड़ी जीत हासिल नहीं कर पाते. लोकसभा का चुनाव यहां हर नेता के लिए अपना अस्तित्व बचाने की तरह है. चूक हुई तो इसका खामियाजा सबको एक साथ भुगतना पड़ेगा.

(एजेंसी)

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    कांग्रेस को धरमनिर्पेक्षता, भा ज पा को राम मंदिर स पा को अल्पसंख्यक ,ब सा पा को दलित की याद चुनाव के समय ही आती है.

  2. कांग्रेस को धरमनिर्पेक्षता, भा ज पा को राम मंदिर स पा को अल्पसंख्यक ,ब सा पा को दलित की याद चुनाव के समय ही आती है.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पाकिस्‍तान ने नहीं किया लेकिन भाजपा ने कर दिखाया..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: