/मोनिका लेविंस्की ने बिल क्लिंटन से कहा मैं कपड़े उतारती हूँ, ऑडियो टेप लीक, सुनिए टेप

मोनिका लेविंस्की ने बिल क्लिंटन से कहा मैं कपड़े उतारती हूँ, ऑडियो टेप लीक, सुनिए टेप

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की के चर्चित सेक्स स्कैंडल का एक ऑडियो टेप के लीक हो जाने से यह स्केंडल फिर से सुर्ख़ियों में आ गया है.monica-lewinsky-bill-clinton-sex-tape-listen-audio

बिल क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की के इस सेक्स स्कैंडल को अमेरिकी इतिहास का काला अध्याय माना जाता है. अमेरिका समेत विश्व के टीवी चैनलों और समाचार पत्रों की हेडलाइन बना यह सेक्स स्कैंडल आज भी लोगों के बीच में चर्चा का केन्द्र रहता है लेकिन इस केस के 15 साल बाद यह सेक्स स्केंडल फिर से सुर्खियाँ में तब आ गया जब अचानक से मोनिका लेविंस्की और बिल क्लिंटन के बीच के सेक्सी संवाद का ऑडियो टेप मीडिया और लोगों के बीच में लीक हो गया.

इसके बाद एक बार फिर से विवादित चटपटी कहानी लोगों के बीच एक सनसनी की तरह पेश हो गयी है. मालूम हो कि आज से करीब 15 साल पहले की बात है जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पर वाईट हाउस में इंटर्न करने वाली 22 साल की मोनिका लेविंस्की ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. जिसके कारण बिल क्लिंटन को महाअभियोग का सामना करना पड़ा था. राजनीतिक स्तर और छिछालेदर होने के बाद अलग-थलग और कमजोर बने बिल क्लिंटन का साथ केवल उस वक्त उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन ने दिया था जिसकी वजह से आज भी हिलेरी क्लिंटन को लोग एक महान महिला और आदर्श पत्नी के तमगे से नवाजते हैं. कहा जाता है कि इस केस की सुनवाई के बाद सारे सबूतों को नष्ट कर दिया गया था लेकिन ‘शिकागो ट्रिब्यून’ ने मोनिका और बिल क्लिंटन के सेक्सी ऑडियो टेप को रिलीज करके एक बार फिर से अमेरिका में 15 साल पुरानी प्रेम कहानी को जिंदा कर दिया है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.