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प्रेस क्लब की गोठ में उमड़ा सैलाब

By   /  August 5, 2013  /  1 Comment

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एक हजार से अधिक पत्रकारों एवं परिजनों ने सावन की रिमझिम फुहारों में गोठ का लुत्फ उठाया।  

पिंकसिटी प्रेस क्लब की ओर से क्लब सदस्यों एवं उनके परिजनों के लिए पारिवारिक गोठ रविवार, 4 अगस्त 2013 को झालाना पार्क में आयोजित की गई। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच क्लब सदस्यों एवं उपस्थित अतिथियों ने राजस्थान के प्रसिद्ध दाल, बाटी, चूरमें का आनन्द लिया।pinkcity press club goth
क्लब महासचिव विकास शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेठ भूरामल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं प्रमुख समाजसेवी रामेश्वर लाल गोयल को क्लब अध्यक्ष नीरज मेहरा, महासचिव विकास शर्मा, भाजपा वरिष्ठ नेता रामदास अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मुकेश चौधरी एवं उपाध्यक्ष राहुल गौतम ने माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह एवं साफा पहनाकर सम्मानित किया।
इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रामदास अग्रवाल, सांसद महेश जोशी, महापौर ज्योति खण्डेलवाल, वीरेन्द्र पुनिया, अशोक तंवर का प्रेस क्लब कार्यकारिणी के सदस्यों ने माल्यापर्ण किया।
पत्रकारों के बच्चों के लिए गोठ में आयोजित अनेक प्रतियोगिताओं को सेठ भूरामल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं प्रमुख समाजसेवी रामेश्वर लाल गोयल, महापौर ज्योति खण्डेलवाल ने सराहा एवं बच्चों को पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. जिस अतिथि के अपनी सीमा से अधिक भोजन लिया वो मेरा हिस्सा ले उड़ा कियो की में
    आमंतिरित

    ही नहीं था अब किय बताऊ की में’
    ब्राह्मण हूँ खान [भोजन] ठीक बना की नहीं ये में ही बता सकता था आप के कहने से किय होंगा कोण मानेगा की किया था आगे से पूरा धियान रखना पड़ेगा की हुहुहुहुहू

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