/राहुल ने राजस्थान के बारह बड़े कांग्रेसी नेताओं पर चलाया चाबुक…

राहुल ने राजस्थान के बारह बड़े कांग्रेसी नेताओं पर चलाया चाबुक…

एक तरफ सत्ताधीश हजारों करोड़ के घोटाले कर रहें हैं, वहीँ दूसरी तरफ खबर आ रही है कि कांग्रेस के खजाने में आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए इतनी राशि भी नहीं है कि लोकसभा चुनाव में खुले हाथ से खर्च कर सके.rahulgandhi

मिली जानकारी के अनुसार ऐसे में कांग्रेस अपने खजाने को लबालब करने के लिए कॉर्पोरेट सेक्टर से मिलने वाले चंदे के अलावा अपने सांसदों और विधायकों का मुंह ताक रही है. इसके चलते पिछले दिनों से कवायद चल रही है कि उन सभी कांग्रेसी सांसदों और विधायकों से वसूली की जाये जिन्होंने एक साल से पार्टी फंड में कोई राशि जमा नहीं करवाई है.

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार यह काम राहुल गांधी ने अपने हाथ में ले लिया है और उन्होंने अपना पहला निशाना राजस्थान के उन कांग्रेसी सांसदों और विधायकों को बनाते हुए  चाबुक चलाया है जिन्होंने एक साल से पार्टी फंड में चंदा नहीं जमा कराया. राजस्थान के 12 बड़े नेताओं को इस बाबत नोटिस भी भेज दिया गया है. राहुल के फरमान में साफ है कि नेताओं ने पार्टी फंड में चंदा जमा नहीं कराया तो उन्हें टिकट नहीं मिलेगा.

सांसदों और विधायकों को पार्टी फंड में बतौर चंदा एक महीने की तनख्वाह सौंपनी है और दो ऐसे शुभचिंतकों से भी पैसा जमा करवाना है जो उतनी ही रकम कांग्रेस फंड में देंगे. राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी गुरुदास कामत ने कुछ दिनों पहले भी राजस्थान के सांसदों-विधायकों को चेतावनी दी थी मगर उत्तराखण्ड में आई बाढ़ के कारण बात आई गई हो गई थी.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.