/पद्मभूषण पंडित राजन-साजन मिश्र ने किया बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर का उद्घाटन..

पद्मभूषण पंडित राजन-साजन मिश्र ने किया बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर का उद्घाटन..

लखनऊ, पद्मभूषण पंडित राजन-साजन मिश्र ने बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर का उद्घाटन करते हुए उम्मीद जताई कि इस संगीत शिक्षण संस्था द्वारा गुरु शिष्य परम्परा को नए आयाम दिए जायेगें.बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर

इस अवसर पर सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष और संस्था के मुख्य संरक्षक दीपक मधोक ने “बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर” के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह सेन्टर, विश्वविख्यात बनारस घराने के उप शास्त्रीय संगीत को अगली पीढ़ी तक पूरी गरिमा और हिफाज़त के साथ पहुँचाने के लिए संकल्पबद्ध “सनबीम शिक्षण समूह” और स्वर्गीय श्रीमती बागेश्वरी देवी की स्मृति में सन १९८४ में स्थापित “बागेश्वरी देवी ठुमरी अकादमी” का संयुक्त प्रयास है जिसमें मुख्य प्रशिक्षक सुनील सिंह के साथ ही सनबीम स्कूल, भगवानपुर के संगीत शिक्षक सुकल्पा मुखर्जी और अजय मिश्रा भी कक्षाएं लेंगे. इस संगीत शिक्षण केंद्र में निःशुल्क शिक्षा और गुरु-शिष्य परम्परा के अंतर्गत पाँच वर्ष की शिक्षा एवं प्रशिक्षण का प्रावधान होगा तथा संस्था अपने विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का मंच प्रदान करने के लिए संकल्पित है. उन्होंने आशान्वित स्वर में कहा कि “बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर” का स्वप्न है कि काशी जैसी सुविख्यात संगीत-नगरी में भविष्य के नन्हे राजन-साजन मिश्र और नन्ही गिरजा देवी, बागेश्वरी देवी तैयार हों और बनारस संगीत घराने की अनमोल विरासत को आगे बढ़ाएं.

बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर के प्राचार्य श्री सुनील सिंह ने कहा कि सेंटर का मुख्य उद्देश्य संगीत शास्त्र की जानकारी देना मात्र नहीं बल्कि स्वर लय ताल के माध्यम से उच्च आत्मिक और आध्यात्मिक बिंदु तक पहुँचने का मार्ग बताना है. क्योंकि संगीत कोई विषय नहीं बल्कि साधना का वह मार्ग है जो कलाकार सार्थकता और पूर्णता की अनुभूति तक पहुंचा सकता है. इस अवसर पर अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं देते हुए पंडित राजन-साजन मिश्र ने कहा कि ठुमरी, दादरा, टप्पा, होरी, चैती और पूरब-अंग गायकी की विभिन्न विधायें भारतीय उप-शास्त्रीय संगीत की अमूल्य धरोहर हैं और बनारस संगीत घराना इन धरोहरों से समृद्ध रहा है. दुर्भाग्य से ये विधायें अब लुप्त प्रायः हो रही हैं, इनके संरक्षण-संवर्धन के लिए इस म्यूजिक सेंटर की स्थापना अत्यंत हर्ष और प्रशंसा का विषय है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि स्वरसाधिका श्रीमती बागेश्वरी देवी जी की याद में स्थापित “बागेश्वरी देवी मेमोरियल सनबीम म्यूजिक सेंटर” न सिर्फ इन विधाओं का संरक्षण करने में सफल रहेगा बल्कि इसके माध्यम से नयी पीढ़ी श्रीमती बागेश्वरी देवी जी की अनमोल विरासत से भी परिचित हो सकेगी.

इस अवसर पर संस्था के संरक्षक श्रीमती भारती मधोक, श्रीमती रेखा गुप्ता, अंकिता खत्री, प्रतिमा सिन्हा, सर्वश्री मनीष खत्री, अनुज भार्गव, रमण सिंह, विनय त्रिपाठी, विनय रावल, राजीव जैपुरिया, राज कुमार अग्रवाल, साइमन जॉब, अशोक ढानढाणियां, जितेन्द्र सिंह, राजेश जैन सहित अनेक गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे.

इस मौके की शुरुआत में संस्था के सचिव श्री सुरेन्द्र मिश्र “शीलू” ने आगंतुकों का स्वागत किया तो कार्यक्रम की समाप्ति पर राजेश कुमार गुप्ता सबका आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद अदा किया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.