/माइक्रोमैक्स मोबाइल के दो मालिक रिश्‍वत देते हुए गिरफ्तार..

माइक्रोमैक्स मोबाइल के दो मालिक रिश्‍वत देते हुए गिरफ्तार..

सीबीआई ने माइक्रोमैक्स मोबाइल फोन कंपनी के दो मालिकों को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों को रंगे हाथ तीस लाख रुपये रिश्वत देते हुए गिरफ्तार किया है. वे एक बैंक्वेट हॉल के निर्माण को नियमित करने के लिए रिश्वत दे रहे थे. सीबीआई ने निगम के तीन और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के भी एक अधिकारी भी गिरफ्तार किया है.Rajesh Aggarwal  owner of Micromax mobiles

रिश्वतखोरी के इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों की धरपकड़ के लिए जांच एजेंसी छापेमारी कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, राजेश अग्रवाल व मनीष तुली माइक्रोमैक्स इंफारमेटिक्स, गुड़गांव के मालिक हैं. ये वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में बैंक्वेट हॉल बनाना चाहते थे.

बैंक्वेट हॉल को नियमित करने के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सिविल लाइन जोन के भवन विभाग के अभियंताओं ने 50 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच 30 लाख रुपये में सौदा तय हुआ.

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सिविल लाइन जोन के अधीक्षण अभियंता राजेश वाधवा के कहने पर निगम के अधिकारियों ने दोनों उद्योगपतियों को पैसे देने के लिए पीतमपुरा बुलाया. बताया जा रहा है कि छापेमारी में एक कनिष्ठ अभियंता के घर से 40 लाख रुपये बरामद हुए हैं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.