/रामकिशोर पंवार इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जनलिस्ट यूनियन के प्रदेश सचिव

रामकिशोर पंवार इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जनलिस्ट यूनियन के प्रदेश सचिव

बैतूल , पिछले तीस वर्षो से पत्रकारिता से जुड़े ताप्तींचल के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, कहानीकार, एवं दैनिक पंजाब केसरी दिल्ली ब्यूरो के रामकिशोर पंवार को इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जनलिस्ट यूनियन से सबंद्ध मध्यप्रदेश की राज्य इकाई का सचिव बनाया गया है। आईएफडब्लयूजेड से पिछले बीस वर्षो से जुड़े रामकिशोर पंवार एक मात्र ऐसे पत्रकार है जो कि मध्यभारत के बैतूल, छिन्दवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, हरदा, होशंगाबाद, जबलपुर जिलो का प्रतिनिधित्व करते चले आ रहे है। श्री पंवार अभी तक देश भर में फेडरेशन के कई राष्ट्रीय सम्मेलनो में मध्यभारत का प्रतिनिधित्व कर चुके है।Ramu4

श्री पंवार वरिष्ठ पत्रकार रामाराव की स्मृति में सेवाग्राम से राजपथ दिल्ली तक की पत्रकारों की सदभावना यात्रा का महाराष्ट्र की सीमा से अगुवाई कर उसका नेतृत्व भी कर चुके है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रमराव के करीबी रहे रामकिशोर पंवार को राष्ट्रीय महासचिव परमानंद पांडे , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामगोपाल शर्मा के भी करीबी है। श्री पंवार की नियुक्ति राष्ट्रीय सचिव कृष्ण मोहन झा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष, एवं राष्ट्रीय महासचिव की अनुशंसा पर की है। श्री पंवार एमपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल के नेतृत्व में प्रदेश में संगठनात्क कार्यो को संपादित करेगें। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष से लेकर फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्य समिति में अभी तक मनोनीत सदस्य के रूप में कार्य कर रहे श्री पंवार श्रमजीवी पत्रकारो के हर छोटे बडे आन्दोलनो से जुड़े रहे। श्री पंवार भोपाल स्थित पत्रकार भवन समिति के भी बीस वर्षो तक सदस्य रहे। श्री पंवार की नियुक्ति पर प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, राष्ट्रीय सचिव कृष्ण मोहन झा, राष्ट्रीय महासचिव परमानंद पांडे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामगोपाल शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रमराव का आभार व्यक्त करते हुए श्री पंवार को बालाघाट , सिवनी, छिन्दवाड़ा, हरदा, बैतूल, सिवनी, जबलपुर, होशंगाबाद, जिले के पत्रकारो ने बधाई दी है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.