/किश्तवाड़ में छठे दिन भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी…

किश्तवाड़ में छठे दिन भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी…

जम्मू. जम्मू एवं कश्मीर के किश्तवाड़ शहर में लगातार छठे दिन बुधवार को भी कर्फ्यू जारी है. यहां कर्फ्यू में किसी तरह की ढील नहीं दी गई है. जम्मू इलाके के तनावग्रस्त सात अन्य जिलों में भी पांचवे दिन कर्फ्यू जारी है जहां मंगलवार को समय-समय पर कर्फ्यू में ढील दी गई थी. किश्तवाड़ शहर में अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को किसी भी तरह की ढील न देने का फैसला किया था और बुधवार को भी ऐसा ही रहेगा. किश्तवाड़ के जिलाधिकारी बशीर अहमद खान ने आईएएनएस से कहा, ‘हम नियमित रूप से स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कर्फ्यू में ढील पर फैसला स्थिति पर विचार करने के बाद लिया जाएगा. जिले में मंगलवार को किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी है.‘ इस बीच, अनिश्चितकालीन कर्फ्यू की वजह से किश्तवाड़ में लोगों को जरूरी चीजों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.

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जम्मू शहर में मंगलवार को शाम चार बजे से शाम सात बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई थी. कठुआ, सांबा, रीसी, राजौरी, ऊधमपुर और डोडा जिले में शाम के वक्त कुछ समय के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई थी. इस दौरान किसी भी जगह से हिंसा की बड़ी खबर नहीं आई है. अमरनाथ यात्रा हालांकि, मंगलवार को शुरू हो गई लेकिन जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर यातायात सामान्य नहीं हुआ है. किश्तवाड़ में सांप्रदायिक हिसा भड़काने के मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार करने के अलावा पुलिस ने जम्मू इलाके के अन्य हिस्से से 120 लोगों को भी गिरफ्तार किया है.

स्वतंत्रता दिवस के अवसर को देखते हुए राज्य की शीतकालीन राजधानी जम्मू एवं इलाके के सभी जिला मुख्यालयों में समारोह के लिए पूर्व अभ्यास किए गए. स्कूली बच्चे हालांकि इलाके में तनाव की वजह से इसमें शामिल नहीं हो पाए. अधिकारियों ने जम्मू इलाके में बुधवार को भी शिक्षण संस्थान- स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद रखने के आदेश दिए हैं.

जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजेश कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि हालांकि, नियंत्रण रेखा और जम्मू इलाके की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनाव बढ़ा है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के जश्न पर कोई आतंकी खतरा नहीं है. आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को भी इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं ठप्प है. इंटरनेट की ब्राडबैंड सेवा की तीव्रता भी कम कर दी गई है ताकि फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किं ग साइट पर आपत्तिजनक सामग्री साझा न की जा सके. इस बीच, जम्मू चौंबर ऑफ कामर्स ने बंद की अवधि 48 घंटे कर दी है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.