/इस बार भारतीय जवानों को पाक ने तोहफे और मिठाइयाँ नहीं दी…

इस बार भारतीय जवानों को पाक ने तोहफे और मिठाइयाँ नहीं दी…

-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर पडौसी मुल्क पाकिस्तान ने भारत में हिंसा फ़ैलाने और जवानों की हत्या के बाद इस बार शर्मसार होते हुए भारतीय जवानों को आज़ादी के तोहफे और मिठाइयाँ नहीं दी. प्किस्तान ने जम्मू कश्मीर में पिछले सप्ताह पांच भारतीय जवानों की हत्या के बाद खुद की आजादी के मौके पर भी कड़वाहट दिखा दी. बुधवार को पाक की आजादी (14 अगस्त) और पंद्रह अगस्त को भारत की आज़ादी के जश्न के मौके पर के मौके पर जिले के पश्चिमी सरहद मुनाबाव में बीएसएफ को ‘मीठा तोहफा’ नहीं दिया. कुछ जवानों के अनुसार- वैसे भी साथियों की शहादत के बाद पड़ोसी मुल्क का ऐसा मीठा हमें स्वीकार नहीं था.Indo-Pak

पाकिस्तान ने इससे चार दिन पहले ईद के मौके पर पूरी बॉर्डर की किसी भी बीओपी पर बीएसएफ को मिठाई नहीं दी थी.

राष्ट्रीय पर्व एवं त्योहारों की परंपरात्न ईद व 14 अगस्त पर पाक व 15 अगस्त, दीवाली-होली पर भारत एक दूजे को मिठाई देते हैं. पाक ने जनवरी से ये परंपराएं ही तोड़ दीं. अंतिम बार अप्रैल में बॉर्डर मीटिंग के बाद यह आदान-प्रदान हुआ था.

उनका फीका जश्न, हमने शान से फहराया तिरंगा

मुरार पोस्ट के सामने स्थित पाक की वाल्टर वार पोस्ट में ध्वज फहराया गया, पोस्ट कमांडर ने सलामी ली और एक दूसरे को मुबारकबाद दी गई. ‘बड़े खाने’ का आयोजन किया गया. लेकिन बड़ा खाना में कोई खास पकवान नहीं. चावल, दाल और मांसाहार. आम दिनों में दाल चावल ही मिलता है. सनाऊतार चौकी में भी ऐसा ही माहौल रहा.

टावर पर चढ़े पाक जवान टकटकी लगाए देख रहे थे. इधर बीएसएफ जवान मराठा हिल व बी के डी चौकी में आजादी के जश्न की तैयारी में लगे हुए. मुनाबाव चौकी में प्लाटून हथियार थामे तिरंगे को सलामी दे रही है. फाइनल रिहर्सल में कमांडर के कमांड पर जवानों की बंदूकें सीने पर तन जाती हैं. वे तिरंगे को सलामी देते हैं. हिन्दुस्तानी टुकड़ी के जोश भरे जय हिंद का उद्घोष सीमा पार तक पाक के कानों में गूंजता है.

16 चौकियों पर फायरिंग

पाकिस्तान में 14 अगस्त को एक तरफ आजादी का जश्न मनाया जा रहा था. दूसरी तरफ उसके सैनिक नियंत्रण रेखा पर भारतीय सीमा चौकियों को निशाना बना रहे थे. मंगलवार रात नौ बजे से फायरिंग शुरू हुई. यह बुधवार सुबह तक जारी रही. कुल 16 भारतीय चौकियों को निशाना बनाया गया. आतंकियों की घुसपैठ कराने की भी कोशिश की गई. हालांकि इसे नाकाम करते हुए भारतीय सैनिकों ने दो आतंकियों को मार गिराया. रक्षा प्रवक्ता एसएन आचार्य ने बताया, ‘हमीरपुर-बालाकोट और मेंढर क्षेत्र’ में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाया गया.

बालाकोट और हमीरपुर की छह-छह और मनकोट की चार चौकियों पर मंगलवार रात नौ बजे से 10.15 बजे तक भारी गोलीबारी हुई. उसके बाद रुक-रुककर बुधवार तक फायरिंग होती रही. भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की. इसमें किसी के मारे जाने की खबर नहीं है.’

पिछले चार दिन में पाकिस्तान की ओर संघर्ष विराम के उल्लंघन की यह नौवीं घटना है. उधर, उत्तर-कश्मीर के केरन सैक्टर में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों ने तड़के तीन बजे के आसपास घुसपैठ की बड़ी साजिश नाकाम कर दी. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, ‘घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों को सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण करने को कहा. लेकिन आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग दो आतंकी मारे गए.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.