/फेसबुक पर संभलकर करें पोस्ट, अश्लील या आपत्तिजनक पोस्ट दिखा सकती है हवालात…

फेसबुक पर संभलकर करें पोस्ट, अश्लील या आपत्तिजनक पोस्ट दिखा सकती है हवालात…

यूपी पुलिस महानिदेशक के आदेश पहुंचे हर जिले के एसएसपी आफिस…

फेसबुक पर किसी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने से पहले यह ध्यान रहे कि आप पुलिस की नजर में हैं. एक गलती भारी पड़ सकती है. प्रोफाइल ब्लाक होने के साथ ही आपको जेल भी हो सकती है.Facebook (1)

दरअसल फेसबुक व अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर देश-प्रदेश की राजनीतिक हस्तियों, मंत्री-विधायकों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां व अश्लील संदेश पोस्ट किए जा रहे हैं. धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले संदेश भी पोस्ट हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने ढेरों ऐसी शिकायतें मिलने के बाद प्रदेश के सभी एसएसपी/एसपी को पत्र लिखकर पुलिस को फेसबुक समेत अन्य प्रचलित सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर नजर रखने के निर्देश दे दिए हैं. ऐसे लोग जो अश्लील या आपत्तिजनक पोस्ट करते हैं, उनके प्रोफाइल/पेज को ब्लाक कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं. पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि जिलों में गठित साइबर सेल, फेसबुक के साथ गूगल व अन्य सर्च इंजन पर भी नजर रखें.

पुलिस महानिदेशक ने जिलों के पुलिस अधिकारियों को भेजे पत्र में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के पेज/प्रोफाइल ब्लॉक कराने के बाबत महत्वपूर्ण जानकारियों से भी अवगत कराया है. पत्र में पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि जिस भी यूजर के पेज पर अश्लील सामग्री मौजूद है, उसके पेज की पूरी जानकारी लेने के बाद उसे स्कैन कराएं. धारा 91 के तहत राजपत्रित अधिकारी की नोटिस सहित सील तैयार करें. नोटिस में उक्त आपत्तिजनक वस्तु नत्थी कर स्कैन कराएं और फेसबुक की अधिकृत वेबसाइट पर ई-मेल करें.

(एजेंसी)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.