/थाने में लड़की को कैद कर मनाया स्वाधीनता दिवस पर अय्याशी का जश्न…

थाने में लड़की को कैद कर मनाया स्वाधीनता दिवस पर अय्याशी का जश्न…

जहां एक ओर पूरा देश आजादी के जश्न मे डूबा हुआ है, वहीं आजाद भारत के रक्षकों की अय्याशी के जश्न की करतूत सामने आई है. गाजियाबाद की पुलिस ने एक लड़की को अवैध रूप से कैद करके उसके साथ बदसलूकी की.girl

घटना गाजियाबाद के लिंक रोड थाने की हैं, जंहा जगह-जगह शराब की बोतलें बिखरी पड़ी मिलीं हैं. थाने के अंदर शराब ही नहीं पुलिसवालों की अय्याशी के लिए बिस्तर भी बिछा हुआ मिला है. कम्प्यूटर रूम के नाम पर इस्तेमाल किए जाने वाले इस कमरे में कम्प्यूटर को छोड़कर अय्याशी का सारा सामान मौजूद है.

दअरसल, गाजियाबाद में एक लड़की को अवैध रूप से हिरासत में लेने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में पुलिसवालों ने एक लड़की को जबरन हिरासत में लेकर पूछताछ के नाम पर उसे एक कमरे में कैद रखा. पुलिसवालों पर आरोप है कि वो इस लड़की के साथ शराब पीकर बदसलूकी कर रहे थे.

मामले की भनक जब एसएसपी को लगी तो एसएसपी ने मौके पर पहुंच कर चार पुलिसवालों को तुरंत सस्पेंड कर दिया. साथ ही थाना अध्यक्ष को लाइन हाज़िर कर दिया गया है, आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद पुलिस ने एक होटल पर छापा मारकर 56 जोड़ों को गिरफ्तार किया था, जिसमें से सिर्फ चार जोड़ों को ही दोषी पाया गया. अब सवाल ये उठता है कि दूसरों को मर्यादा का पाठ पढ़ाने वाली गाजियाबाद पुलिस खुद अपने दामन के दागों को कब साफ करेगी ?

(सौ: आजतक)

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.