/पाक नागरिक की सेवा कर इंसानियत का परिचय दिया भारतीयों ने…

पाक नागरिक की सेवा कर इंसानियत का परिचय दिया भारतीयों ने…

-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर सीमा पर आये दिन भले ही पाकिस्तान अपनी घटिया हरकतों से बाज़ नहीं आये और  भारत के जवानो को बेदर्दी से मारता हो लेकिन भारत की ओर से पाकिस्तान के नागरिको को मानवीयता के नाते हर तकलीफ में साथ रह कर उन्हें सहूलियत देने का प्रयास कर रहा हैं.  भारत की दयालुता का उदाहरण देखने को मिला. आप यकीन मानिए कि अब्दुल वाहिद का कहना है कि इस तकलीफ की घड़ी  में जो भारत के अधिकारियों ने मेरी जो खिदमत और ख्याल रखा है उसे में अब पूरी जिन्दगी  नहीं भूल सकता हूँ.munabao

इस वक्त सीमा पर तनाव है दोनों मुल्कों के रिश्ते दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे है लेकिन जो कुछ रविवार को मुनाबाव अंतर्राष्ट्रीय स्टेशन पर हुआ उसे सुनकर और देखकर शायद पाकिस्तान को अपने आप पर शर्म आ जाए और भारतीय सैनिकों के सर काटने जैसी हरकतें दुबारा न करे.

भारत पाक सीमा पर स्थित मुनाबाव रेलवे स्टेशन पर थार एक्सप्रेस से भारत आ रहे एक पाकिस्तानी नागरिक की तबियत बेहद खराब हो गई और उसको सीने में जबरदस्त दर्द के चलते मानवीयता के नाते भारत सरकार ने मुनाबाव से बाड़मेर अस्पताल भिजवाया जबकि नियम के मुताबिक  थार एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले हर नागरिक को जोधपुर जाना पड़ता हैं और वो बीच में कहीं पर भी नहीं उतर सकता.  पाकिस्तान के इस नागरिक को बाड़मेर अस्पताल में आईसीयू वार्ड में गम्भीर अवस्था के चलते भर्ती करवाया गया हैं. इस पाक नागरिक का नाम अब्दुल वाहिद पुत्र जहूर अहमद निवासी गुल बहार, कराची हैं. इसके साथ उसकी पत्नी हुस्ना बानो , पुत्र मुहम्मद हसनैन, मुहम्मद कुनैन साथ थे जिनमे उसकी पत्नी को जोधपुर भिजवाया गया हैं जबकि दोनों पुत्रो को बाड़मेर साथ ले आया गया हैं. मुनाबाव में इसको प्राथमिक उपचार दे दिया गया था लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा. ऐसे में इस पाकिस्तानी नागरिक को बाड़मेर लाया गया.मुनाबाव में ही इस पाकिस्तानी नागरिक को एम्बुलैंस की सुविधा मय चिकित्सक उपलब्द्ध करवाई गई. इस पाकिस्तानी नागरिक  अब्दुल वाहिद के अनुसार “जब वो पकिस्तान से बैठे तो सब ठीक था लेकिन गर्मी की वजह से अचानक ही मुनाबाव ने ह्रदय में दर्द होने लग गया जब मेने मुनाबाव में भारत के अधिकारियों को बताया तो उन्होंने मुझे और मेरे बेटे को बाड़मेर के बड़े अस्पताल में ले जाकर मेरा इलाज शरू कराया. अब मेरी तबियत एक दम सही है मैं जयपुर में अपने रिश्तेदात से मिलने परिवार के साथ आया हूँ. मेरी इन अधिकारियो ने जो खिदमत की है वो यकीनन काबिले तारीफ है, इस बात को मैं कभी भूल नहीं पाउँगा. जो बेहतरीन चिकित्सकीय सुविधाएं भारत की ओर से दी गई हैं और निशुल्क एम्बुलैंस उसको जोधपुर तक छोड़ कर आएगी ये भी वो नहीं भूल सकता.”

भारत के कई अधिकारी और जवान पूरी रात इस पाकिस्तानी नागरिक को अच्छी चिकित्सा सुविधा दिलाने के लिए अस्पताल में बैठे रहे. सीआईडी सीबी के सब इन्स्पेटर दलपत सिंह चौधरी के अनुसार उन्होंने मानवीयता के नाते हर सुविधा पाकिस्तानी नागरिक को उपलब्ध करवाई हैं और इस नागरिक के स्वास्थ्य में काफी सुधर हुआ हैं. अब इससे जोधपुर इलाज के लिए भेजा जा रहा है, जिसके लिए निशुल्क एम्बुलैंस में जोधपुर भेजा जा रहा है

उन्होंने मानवीयता के नाते हर सुविधा पाकिस्तानी नागरिक को उपलब्ध करवाई हैं और इस नागरिक के स्वास्थ्य में काफी सुधर हुआ हैं.अब इससे जोधपुर इलाज के लिए भेजा जा रहा है जिसके लिए नि :शुल्क एम्बुलैंस में जोधपुर भेजा जा रहा है

शायद यह  मानवीयता ही है जो भारत को पकिस्तान को जुदा बनाती है. एक तरफ तो हम मानवीयता के नाते इंसान कोई फर्क नहीं समझते है और तकलीफ में हम पाकिस्तानी नागरिक की भी नियमों के विरुद्ध जाकर मदद करते है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान है जो कि मानवीयता की सारी हदें पार कर हमारे जाबाज जवानों के सर काट कर ले जाता है और शर्म तक नहीं आती पाकिस्तान को. बहरहाल जो भी हो शायद इसलिए कहते है इट्स हैपन ओनली इन इंडिया.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.