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पांव कब्र में लटकाए बूढ़े ने अपनी परदोहिती से मुंह काला किया…

By   /  August 19, 2013  /  1 Comment

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मुंबई में 65 साल के एक बूढे को 4 साल की अपनी पुत्री की दोहिती से कथित रूप से यौन दुराचार करने को लेकर रविवार को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने बताया कि लड़की की नानी को सबूत नष्ट करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह महिला इस बूढ़े की बेटी है.sexual-assault_yaun-apradh_blaatkaar

दोनों ही आरोपियों पर बाल यौन अपराध संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें 20 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

पुलिस के अनुसार बच्ची कुछ दिनों के लिए आरोपी के घर गई थी. 15 अगस्त की रात को जब लोग सो रहे थे, तब उसने उसके साथ मुंह काला किया.

अगले दिन बच्ची की मां ने रक्तस्राव देखा और वह उसे अस्पताल ले गई. डॉक्टरों ने कहा कि यह यौन हिंसा का मामला है. अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की सूचना पुलिस को दे दी उसके बाद 65 साल के इस बूढ़े को गिरफ्तार कर लिया गया.

शुरुआती जांच में आरोपियों ने पुलिस के सामने कहा कि उसकी बेटी यानी बच्ची की नानी को इस घटना का पता चला और उसने रक्त के दाग को हटाने के लिए कपड़े धो दिए. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी बच्ची या किसी अन्य लड़की से बलात्कार कर चुका है.

(एजेंसी)

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. dushkarmiyon ke liye kade kanun banana chahiye, mafi nahi balki unhe jindagi bhar Itni yatnayen di jani chahiye jo desh or samaj ke naam par misal ho aou ek-ek pal ki yatnaon ki khabar midia dwara logo tak pahunchai jaye, taki logo ke man me aisa dushkarm karne par bhay paida ho kihume iski saja fansi ya mafi nahi balki narak se b badtar jindagi hai.

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