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महिला पत्रकार से गैंगरेप, एक आरोपी गिरफ्तार…

गुरुवार को मुंबई की शक्ति मिल में एक महिला फोटो पत्रकार के साथ गैंगरेप के मामले में पुलिस ने दावा किया है कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा शेष आरोपी भी शीघ्र पकड़ लिए जायेगें. समझा जाता है कि आरोपी स्थानीय इलाके के ही रहने वाले हैं और शक्ति मिल परिसर में जिस जगह वारदात को अंजाम दिया गया, वहां वे अक्सर भटकते रहते थे.sketchs of repists

गुरुवार शाम को हुई इस वारदात में पांच लड़कों ने पहले तो पीड़िता के दोस्त को रस्सी से बांध दिया और उसकी पिटाई की, इसके बाद लड़की के साथ गैंगरेप किया गया. वारदात के बाद पीड़ित लड़की खुद ही मिल कम्पाउंड से बाहर आई और अपने एक दोस्त के साथ अस्पताल पहुंची. बताया जा रहा है कि लड़की को अंदरूनी चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत स्थिर है.

मुंबई के पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने कहा कि पीड़िता अपने एक मित्र के साथ शाम के समय फोटोग्राफ लेने के लिए शक्ति मिल गई थी. उनके बयान के मुताबिक, वहां दो लड़के मौजूद थे और तीन अन्य व्यक्ति वहां आएं, जिन्होंने युवती के साथ बलात्कार किया. आरोपियों ने उसके दोस्त को बांध दिया और युवती के साथ बलात्कार किया.

पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि ये पांच बदमाश शक्ति मिल परिसर में मौजूद थे. उन्होंने भद्दी टिप्पणियां कीं और उसे परेशान करना शुरू कर दिया. जब उसके मित्र ने हस्तक्षेप किया, तो उनमें में से दो लोगों ने उस पर हमला कर दिया. तीन अन्य लोग युवती को एक खस्ताहाल इमारत में ले गए और वहां उसके साथ बलात्कार किया.

पुलिस ने बताया कि पीड़िता को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार युवती को अंदरूनी तौर पर काफी चोट आई हैं. अस्पताल के कार्यवाहक सीईओ डॉ. तरन ज्ञानचंदानी ने कहा, पीड़िता को गहन निगरानी में रखा गया है. इस समय हम कुछ भी नहीं कह सकते. पुलिस का दावा है कि महिला ने दो आरोपियों की उनके नाम से पहचान की है. उसने पुलिस को बताया कि दो आरोपी एक-दूसरे को रूपेश और साजिद कहकर पुकार रहे थे.

स्थानीय पुलिस के साथ साथ अपराध शाखा ने भी मामले की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया है और आरोपियों की तलाश में जांचकर्ता पूरे शहर में छानबीन कर रहे हैं. इस मामले को महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने गंभीर बताते हुए कहा है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा और किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी. पाटिल ने जसलोक अस्पताल जाकर पीड़िता से मुलाकात भी की.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.