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”अन्ना को ‘खुल कर’ सपोर्ट, कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं” – योगिता दांडेकर

By   /  August 27, 2011  /  15 Comments

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योगिता दांडेकर: ‘पब्लिसिटी स्टंट’ नहीं

बेशक पूनम पांडे वादा करके न्यूड होने से मुकर गईं और सलीना वली खान ऐलान कर के रह गईं, लेकिन योगिता दांडेकर ने बोलने से पहले ही ‘कर दिखाया’। जी हां, ‘ट्रैफिक सिगन्ल’ फेम इस हिंदी-मराठी ऐक्ट्रेस ने अन्ना को ‘खुल कर’ सपोर्ट करने के लिए न्यूड होकर फोटो खिंचवाए और जनलोकपाल बिल को भी ‘फुल’ सपोर्ट करने का ऐलान किया है। इतना ही नहीं, संसद में बिल पारित हो जाने पर वो इसी पोज में दौड़ भी लगाने की तैयारी में हैं।

योगिता दांडेकर: ‘खुल कर’ सपोर्ट?

तरक्की हमेशा इंसान को ऊँचाइयों की तरफ ले जाती है मगर कुछ लोग ऊँचाइयों पर पहुँच कर सांस्कृतिक रूप से गिर जाते हैं. इस का ताज़ा नमूना है चीन के युवाओं द्वारा मनाया जाने वाला पर्व वाटर फेस्टिवल. इस वॉटर फेस्टिवल के दौरान कई महिलाओं के कपड़े फाड़े जाने और उनके साथ छेड़छाड़ के मामले सामने आए हैं.
चाइनीज वेलेंटाइन डे वाटर फेस्टिवल के मौके पर गुरुवार को हेनान में यह फेस्टिवल आयोजित किया गया था. इसमें बड़ी संख्‍या में लड़के और लड़कियों के अलावा कई टूरिस्‍ट भी शामिल थे. सभी मस्‍ती की खुमारी में डूबे हुए थे, अचानक कुछ लोगों ने कुछ लड़कियों के कपड़े फाड़ दिए और उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी.

 

स्‍थानीय मीडिया में छपी खबरों के अनुसार पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है. हालांकि, अब भी कई आरोपियों की तलाश जारी है. चीन के अखबारों ने इस घटना की कई तस्‍वीरें छापी हैं.

 

पांच सालों से इस फेस्टिवल में हिस्‍सा ले रहे ली मिन के अनुसार, ‘चार या पांच महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हुई. पुलिस ने छेड़छाड़ करने वालों को अरेस्‍ट कर लिया है.’ ली ने बताया कि मैंने एक आदमी को एक औरत के कपड़े उतारते दिखा. ऐसा ही वाकया वहां कई और जगहों पर हो रहा था.’

पांच सालों से इस फेस्टिवल में हिस्‍सा ले रहे ली मिन के अनुसार, ‘चार या पांच महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हुई. पुलिस ने छेड़छाड़ करने वालों को अरेस्‍ट कर लिया है.’ ली ने बताया कि मैंने एक आदमी को एक औरत के कपड़े उतारते दिखा. ऐसा ही वाकया वहां कई और जगहों पर हो रहा था.

 

70 और 80 के दशक में सिंगापुर वालों ने चीन की संस्‍कृति के बारे में गलत धारणा बना ली थी. चीन के लोगों को ये गंवार समझते थे. लेकिन आज के वक्‍त में धन-दौलत और आराम के मामले में सिंगापुर वाले चीनियों के आगे कहीं नहीं टिकते. यहां तक कि चीन के किसानों को अस्‍पताल में इलाज में 70 फीसदी कैश की छूट मिलती है. मेनलैंड चीन के लोग ब्रांडेड कपड़े, घडियां, जूते और महंगी कारों के शौकीन हैं.

मुंबई की योगिता  ने अपने शरीर को पेंटकर कैमरे के सामने न्यूड पोज दिए हैं । इस बोल्ड एक्ट्रेस ने यह भी कहा है कि संसद में जनलोकपाल बिल पास हो जाने के बाद वह टॉपलेस होकर दौ़ड़ भी लगाएंगी । योगिता ने न्यूड होने के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि अन्ना के आंदोलन की आ़ड़ में कई नई अभिनेत्रियां और मॉडल न्यूड होने की बात कर सस्ती लोकप्रियता तो बटोर रही हैं मगर किसी में ऐसा करने का ‘साहस’ नजर नहीं आया।

 

 

 

”मैं ऐसा कर यह संदेश देना चाहती हूं कि मैं सच में अण्णा का समर्थन करती हूं और न्यूड होकर सिर्फ पब्लिसिटी बटोरना मेरा इरादा नहीं है । मैंने ऐसी कई मॉडल्स के बारे में सुना जिन्होंने अन्ना के आंदोलन का समर्थन करने के लिए न्यूड होने की बात कही और इस संघर्ष का मजाक उ़ड़ाया है। मैं पहली भारतीय हूं और अन्ना का पिछले 10 सालों से अनुसरण कर रही हूं।

मैं भी अन्ना

 

योगिता का दावा है कि उन्होंने अन्ना के कई कैंपेन में हिस्सा भी लिया है और इसी वजह से उन्होंने जन लोकपाल बिल के समर्थन में न्यूड होकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाली सभी संभावनाओं पर ही विराम लगा दिया है।

तुम भी अन्ना

 

 

 

 

 

 

योगिता आगे कहती हैं , ”मैंने यह प्रण किया है कि इस बिल के पास होने के बाद मैं टॉपलेस होकर दौ़ड़ लगाऊंगी । मैं पूनम पांडेय की तरह नहीं हूं जो न्यूड होने के वादे तो करती हैं मगर आज तक ऐसा कर न सकीं।” योगिता ने मधुर भंडारकर की फिल्म ट्रैफिक सिग्नल के अलावा सुखांत, गामत एका रात्री ची, रद्दा रॉक्स जैसी मराठी फिल्मों में भी अभिनय किया है ।
अब योगिता चाहे जो कहे या करे मगर पूनम पाण्डेय से शुरू हुआ ये सिलसिला जहाँ मनचलों के लिए चटखारे लेने का सामान बन गया है वहीँ फिल्म जगत में संघर्ष कर रहीं लड़कियों को रातो-रात मशहूर होने का रास्ता दिखा रहा है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

15 Comments

  1. kulwant mittal says:

    अन्ना के लिए सबने खुल के सपोर्ट किया , किन्तु योगिता ने खोल कर सपोर्ट किया ………..????????????
    अपनी अपनी खुलने और खोलने की बात है , शायद योगिता पे सपोर्ट के लिए यह ही था सो उसने दिखाया, औरों पे जो था उन्होंने वो दिखाया ………….
    योगिता जैसे लोग इस तरह पर मौकों की तलाश में रहते हैं की मौका मिले और वो ^^^^ खोल के दिखाएँ , जबकि जो कुछ भी उन्होंने दिखाया उसमे ऐसा क्या था जो सिर्फ योगिता के पास ही था, वो तो सभी के पास होता है,योगिता ने कुछ नया नहीं दिखाया … वही पुरानी या कहें की पुराना माल ही दिखाया……. सो उसे ज्यादा पोपुलर ही नहीं करो , वो दिखाए तो अपनी आँखें घुमा लो. वो खुद लज्जित हो जाएगी और सोचेगी की…हम दिखा रहे हैं और कोई हमारी###### देख ही नहीं रहा…

  2. अभय says:

    खुल कर सपोर्ट करना और खोल कर सपोर्ट करने में अन्तर हैं । एक भावनात्मक हैं और दुसरा उपरी तौर पर पहुच बनाना है ……। अथवा अपने आप को आगे लाने के लिए शरीर का इस्तमाल करना …॥ यह जानवर बनने जैसा हैं।

  3. raj bhatt says:

    anna ko bahut dard hoga..yogita ..ye aap stant hi kar rahi hai….hindu nari ka apman mat karo…abhi bhi maryada hai…chakle bazarvali bhi aisa nahi kar sakti tum hindustani nari ban k dikhao….aur kisi manochikitsak paas apna pagalpan ka ilaj karvao……

  4. sonal thepra says:

    जिनके दिल में वाकई अन्ना हैं….वे बेबाक हो सकते हैं…..नंगे नहीं….इस तरह के आन्दोलन में नंगई का कोई स्थान नहीं होता….जिसे जितनी नंगई करनी हो अपने घर में करे…या फिल्मों में करे….या चली जाए ना की चकलेघर में….अन्ना का साथ देने के लिए वैसे तो करोड़ों लोग विवशता में ही भूखे नंगे हैं….बेहयाई में नंगे नहीं…और चाहिये भी नहीं….स्टॉप द दीज़ टाईप ऑफ़ नोंसेंस…….पूरे कपडे पहनो और कहो….वन्दे-मातरम्….ओ लड़की……!!

  5. Aman says:

    isske alawa aur kya kar sakte ho ?

  6. chandrashekhar says:

    पब्लिसिटी करो लेकिन अन्ना को क्यूँ इस में ला रहे हो
    अगर नंगा ही होना था तो अन्ना का सहारा क्यूँ लिया
    आपने मराठी लोगों का मन दुखाया है

  7. sharvang kala says:

    अश्लीलता को अन्नाजी के आन्दोलन का साथ जोड़कर योगिता ने अन्नाजी का और उन लोगो का जो संसार के अलग अलग हिस्सों में होकर बी अन्नाजी का समर्थन कर रहे है उनका दिल दुखाया है…………

  8. swamiji says:

    कुछ ज्यादा ही कपड़े उतार समर्थन को दिखाने का प्रयास किया जा रहा है . ! जबकि आप जैसे लोगो द्वारा दिन में दो चार बार अन्ना के स्वाश्थ के विषय में चिंता करनी चाहिए !

  9. jitender dhaka says:

    इतना ही aacha लग रहा हैं तो थोड़ा और खुल कर कर समर्थन करो ना बाकि क्यों छोड़ दिया.

  10. jitender dhaka says:

    ये सब पागल पंथी हैं कहा जायेगे , क्या साबित करना चाहते हैं ये फिल्म इन्डस्ट्री वाले. लगा को उसे करके आप पब्लिसिटी क्यों चाहते हो. एन जैसे लोगो पर बैन लगना चाहिए.
    आप अन्ना जी को इस्तमाल कर रहे हो ये गलत हैं कुछ कर सकते हो तो अपने दम पर करो. ताकि लोग आपको सम्मान करे ,आपकी रेस्पेक्ट करे. और आपका कद बड़े.

  11. Dr.O.P.Verma says:

    ये भी तुरंत सुर्ख़ियों मैं आने का publicity stunt है सिनेमा से जुड़े लोगों को ऐसा रोग कुछ ज्यादा ही सताता है

  12. Mayank Jain says:

    I wonder what would anna say. after all the girl is also anna. everybody is anna.

    • Rajiv Verma says:

      Well said dear sir.. मैं भी अन्ना, तू भी अन्ना, अब तो सारा देश है अन्ना… मुझे तो ये बिना कपड़ों की अन्ना गांधी के ज्यादा करीब दिखती है.

  13. Shivnath Jha says:

    क्या दिखाना चाहती हैं योगिता दांडेकर जो सिर्फ उनमे है दूसरी औरतों में नहीं ? इसे देखकर अन्ना भले ही ना फिसलें, अन्ना के समर्थक का पता नहीं

  14. Shivnath Jha says:

    आगे पीछे दोनों खुला है – अन्ना के लिए नहीं, अपने और अपने “–” के प्रचार के लिए

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