/बापू की बच्ची, नहीं रहेगी कच्ची बोलना महंगा पड़ेगा आसाराम को…

बापू की बच्ची, नहीं रहेगी कच्ची बोलना महंगा पड़ेगा आसाराम को…

नाबालिग छात्रा के साथ यौन दुराचार करने के आरोपों से घिरे आसाराम  की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. आसाराम  के सत्संग के दौरान एक बच्ची पर की गई टिप्पणी को लेकर अब उनके खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में याचिका दायर की गई है. सत्संग के दौरान एक बच्ची पर की गई टिप्पणी को लेकर अब उनके खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में याचिका दायर की गई है.asaram

इस पर दो दिन में सुनवाई होगी. एक निजी टीवी चैनल पर शुक्रवार शाम 8.30 बजे प्रसारित एक कार्यक्रम में  की उक्त क्लिप दिखाई गई थी. इसके आधार पर जोधपुर के अधिवक्ता एसडी गोस्वामी ने राजस्थान हाईकोर्ट में आपराधिक विविध याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया कि आठ वर्षीय बच्ची पर की गई टिप्पणी से उसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.

याचिका के मुताबिक निजी टीवी न्यूज चैनल पर शुक्रवार शाम 8.30 बजे प्रसारित कार्यक्रम में आसाराम  के सत्संग में क्लिप दिखाई गई, जिसमें  ने एक आठ वर्षीय बच्ची के लिए टिप्पणी की कि बापू की बच्ची, नहीं रहेगी कच्ची, बाद में अकेले में मिलना दर्शाया है.

वहीँ, अब आसाराम पर नाबालिग से बलात्‍कार का केस नहीं चलेगा. बलात्‍कार की पुष्टि नहीं होने पर जोधपुर पुलिस ने धारा-376 वापस लेने का फैसला किया है. उनके खिलाफ यौन उत्‍पीड़न का केस चलेगा.

जोधपुर के एसपी अजय लांबा ने कहा है कि बलात्‍कार की पुष्टि नहीं हुई है इसलिए मामला वापस ले लिया गया है. अब आसाराम  के खिलाफ यौन उत्‍पीड़न का केस दर्ज कर लिया गया है. गौरतलब है कि आसाराम पर आश्रम में नाबालिग लड़की से रेप का आरोप लगा था.

इससे पहले आसाराम  को जोधपुर पुलिस ने चार दिन में हाजिर होने का आदेश दिया है. जोधपुर पुलिस नोटिस लेकर अहमदाबाद पहुंची है. पुलिस ने रविवार को आश्रम के वॉर्डन और बच्चों से भी पूछताछ की. पीड़ित लड़की के भाई का भी बयान दर्ज किया गया है.

इस बीच छिंदवाड़ा और शाहजहांपुर गई राजस्थान पुलिस की टीमों ने अपनी जांच शुरू कर दी है. छिंदवाड़ा में पुलिस ने आश्रम के स्टाफ और वहां पढ़नेवाली छात्रों से पूछताछ की. वहीं पीड़ित से पूछताछ में ये सच्चाई सामने आई है कि पीड़ित लड़की आसाराम के पास नहीं जाना चाहती थी लेकिन उसके माता-पिता ने आसाराम की अंधभक्ति में जबरन उसे आश्रम भेजा था.

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उधर, आसाराम  ने एक बार फिर कहा है कि वो बेगुनाह हैं और साजिश के तहत उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. इंदौर में आसाराम ने मीडिया पर जमकर अपनी भड़ास निकाली. हालांकि आसाराम ने ये माना कि वो पीड़ि‍त को जानते हैं और वो उनकी पोती के समान है. आसाराम ने कहा कि जब उन जैसे हस्ती पर झूठे आरोप लगते हैं तो समझा जा सकता है कि समाज में कितने लोगों पर झूठे केस चलते होंगे.

दूसरी ओर छिंदवाड़ा में धर्म सेना के कार्यकर्ताओ ने आसाराम के आश्रम के सामने  का पुतला जलाया वही भारतीय गोंडवाना पार्टी ने आश्रम बंद करने के लिए ज्ञापन सौपा.

जबकि इंदौर में आसाराम की तुलना सिख गुरु गुरुनानक देव से किए जाने पर सिख समाज आग बबूला हो गया. इंदौर में आश्रम के खिलाफ सिख समुदाय ने जमकर नारे बाजी की और आसाराम के पोस्टर पर कालिख पोती. आसाराम की प्रवक्ता नीलम दूबे ने आसाराम की तुलना गुरूनानक देव से की थी.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.